
लगातार 14वें दिन 'बहुत खराब' श्रेणी में रही दिल्ली की हवा, अगले हफ्ते को लेकर भी नहीं आई गुड न्यूज
शहर की प्रदूषित हवा को देखते हुए डॉक्टरों ने रेगुलर डायग्नोस्टिक स्क्रीनिंग पर जोर दिया है ताकि स्मोकिंग करने वालों, अस्थमा के मरीजों, बच्चों और पहले से दिल या सांस की बीमारी वाले लोगों में प्रदूषण से होने वाली सेहत में गिरावट के शुरुआती लक्षणों का पता लगाया जा सके।
दिल्ली की प्रदूषित हवा में सांस लेने वाले लोगों को गुरुवार को भी इससे राहत नहीं मिली और लगातार 14वें दिन शहर की आबोहवा 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज की गई। इस दौरान शहर का औसत AQI 377 रिकॉर्ड किया गया। लेकिन सबसे तकलीफदायक बात यह है कि आने वाले हफ्ते में भी इसमें कोई राहत मिलने के आसार नहीं हैं। दिल्ली के लिए एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुमान के अनुसार आने वाले सप्ताह में एयर क्वालिटी 'बहुत खराब' रहने की संभावना है।
गुरुवार को दर्ज की गई हवा की गुणवत्ता की बात करें को आज 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 377 रहा, जबकि बुधवार को यह 327, मंगलवार को 352 और सोमवार को 382 था, जो लगातार 14वें दिन 'बहुत खराब' कैटेगरी में रहा।
मौसम की बात करें तो IMD के मुताबिक गुरुवार को शहर में अधिकतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री कम है, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री कम है। IMD ने शुक्रवार को शहर में धुंध रहने का अनुमान लगाया है, और इस दौरान अधिकतम तापमान के 24 डिग्री और 9 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद जताई है।
पुणे के IITM (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेटियोरोलॉजी) के DSS (डिसीजन सपोर्ट सिस्टम) के अनुमान के अनुसार गुरुवार को दिल्ली के प्रदूषण में गाड़ियों से निकलने वाले धुएं की हिस्सेदारी 19.5 प्रतिशत रही, इसके बाद पड़ोसी गाजियाबाद में 8.2 प्रतिशत और बागपत में 7.3 प्रतिशत थी। पराली जलाने की वजह से 0.7 प्रतिशत प्रदूषण हुआ। IITM के अनुमान के अनुसार शुक्रवार को शहर में होने वाले प्रदूषण में गाड़ियों से निकलने वाले धुएं की हिस्सेदारी 18.7 प्रतिशत रहने और पराली जलाने की वजह से 1.5 प्रतिशत प्रदूषण होने का अनुमान है।
इस बीच दिल्ली के सभी मॉनिटरिंग स्टेशनों से रियल-टाइम पॉल्यूशन रीडिंग दिखाने वाले CPCB (सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड) के 'समीर' ऐप ने बुधवार की तरह ही गुरुवार को भी शाम 5 बजे तक डेटा अपडेट नहीं किया था। CPCB स्टैंडर्ड के अनुसार, 0 से 50 के बीच AQI को 'अच्छा', 51-100 को 'संतोषजनक', 101-200 को 'मध्यम', 201-300 को 'खराब', 301-400 को 'बहुत खराब' और 401-500 को 'गंभीर' माना जाता है।
बता दें कि इस सर्दी में दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' और 'गंभीर' कैटेगरी में पहुंच चुकी है, इसलिए डॉक्टरों ने रेगुलर डायग्नोस्टिक स्क्रीनिंग की जरूरत बताते हुए इस पर जोर दिया है ताकि प्रदूषण से होने वाली सेहत में गिरावट के शुरुआती लक्षणों का पता लगाया जा सके, खासकर स्मोकिंग करने वालों, अस्थमा के मरीजों, बच्चों और पहले से दिल या सांस की बीमारी वाले लोगों को ये सलाह दी है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिस तरह दुर्घटना से देर भली होती है, उसी तरह प्रदूषण से स्वास्थ्य के बचाव के लिए हेल्थ चेकअप बहुत जरूरी होते जा रहे हैं, क्योंकि जहरीली हवा सांस की नली में सूजन पैदा करती है, फेफड़ों का काम कम करती है और अंदरूनी बीमारियों को बढ़ाती है।





