यमुना सिटी में बनेगा AI का बड़ा टेक्नोलॉजी हब, 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर का आएगा निवेश
यमुना सिटी में एक गीगावॉट क्षमता का एआई का बड़ा कंप्यूट हब स्थापित होगा। हाई परफॉर्मेंस कंप्यूट (एचपीसी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब की स्थापना के लिए एमएस, एएम समूह ने इन्वेस्ट यूपी के साथ गुरुवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

यमुना सिटी में एक गीगावॉट क्षमता का एआई का बड़ा तकनीकी केंद्र (कंप्यूट हब) स्थापित होगा। हाई परफॉर्मेंस कंप्यूट (एचपीसी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब की स्थापना के लिए एमएस, एएम समूह ने इन्वेस्ट यूपी के साथ गुरुवार को समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। परियोजना में करीब 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश आएगा।
वर्ष 2028 तक शुरू हो जाएगा कंप्यूट हब का पहला चरण
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के सीईओ ने बताया कि परियोजना को विकसित करने के लिए कंपनी को सेक्टर-28 में 114 एकड़ तथा सेक्टर-8डी में 175 एकड़ भूमि के लिए आशय पत्र (एलओआई) सौंपा जा चुका है। समझौते के अनुसार, कंप्यूट हब का पहला चरण वर्ष 2028 तक शुरू हो जाएगा, जबकि वर्ष 2030 तक पूरी परियोजना पूरी कर ली जाएगी। यह पूरी तरह कार्बन-फ्री यानी हरित ऊर्जा पर आधारित होगी और चौबीसों घंटे इसका संचालन होगा। एमएस, एएम समूह ग्रीनको ग्रुप के संस्थापकों द्वारा प्रवर्तित भारत की अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक है।
आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा
उत्तर प्रदेश सरकार ने दावोस में भारत के सबसे बड़े एआई हब में से एक विकसित करने का संकल्प लिया है। इसी के तहत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति के तहत इस केंद्र को विकसित किया जाएगा। इससे हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। साथ ही हार्डवेयर निर्माण, सॉफ्टवेयर विकास तथा विशेषीकृत कूलिंग तकनीकों के लिए एक मजबूत स्थानीय इकोसिस्टम तैयार होगा। दावा है कि यह परियोजना भारतीय डेवलपर्स को अत्याधुनिक चिपसेट्स तक व्यापक पहुंच उपलब्ध कराएगी, जिससे घरेलू और वैश्विक स्तर पर एआई समाधान विकसित करने में तेजी आएगी।
देश की जरूरतों को पूरा करेगा
एआई कंप्यूट हब एक शक्तिशाली तकनीकी केंद्र है। इसे विशेष रूप से एआई के भारी-भरकम कार्यों को संभालने के लिए बनाया जाता है। बताया जा रहा है कि यह केंद्र भारत में एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग को देखते हुए देश की जरूरतों को बड़े पैमाने पर पूरा करेगा। यह सुविधा पूरी तरह कार्बन-फ्री ऊर्जा समाधान पर आधारित होगी। एएम समूह एआई लैब्स मांग के अनुसार इलेक्ट्रॉन से लेकर इंटेलिजेंट टोकन तक की श्रृंखला विकसित कर रही है। इससे ऊर्जा, स्वास्थ्य, विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, मीडिया, गेमिंग, क्लाउड सेवा सहित अन्य क्षेत्रों में लाभ मिलेगा।
आरके सिंह, सीईओ यीडा, ''परियोजना को लेकर कंपनी का इन्वेस्ट यूपी के साथ गुरुवार को समझौता हो गया है। कंपनी क्षेत्र में एक गीगावॉट क्षमता का एआई कंप्यूट हब विकसित करेगी, जिससे क्षेत्र में 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश आएगा।''


