
एम्स में एआई रेडियोलॉजिस्ट ने तैयार की एक्सरे रिपोर्ट, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
वायरल रिपोर्ट में डिस्क्लेमर देते हुए सफाई में लिखा गया है कि एआई द्वारा तैयार यह रिपोर्ट प्रारंभिक है और सिर्फ डॉक्टरों के इस्तेमाल के लिए है। इसे स्वतंत्र या प्राथमिक इलाज के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
नई दिल्ली स्थित एम्स में एक्सरे जांच की रिपोर्ट तैयार करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली जा रही है। इसी क्रम में एम्स में AI द्वारा जारी एक्सरे रिपोर्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस रिपोर्ट पर लिखा गया है कि यह AI रेडियोलॉजिस्ट द्वारा सत्यापित है। इसको लेकर गुरुवार को सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई डॉक्टरों ने इसे रेडियोलॉजी जांच के क्षेत्र में बड़ी छलांग बताया तो कुछ इसकी कानूनी वैधता को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। इस मामले पर एम्स ने आधिकारिक तौर पर कुछ प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन AI रेडियोलॉजिस्ट द्वारा जारी वायरल रिपोर्ट पर एम्स की तरफ से सफाई उस पर दर्ज है।
रेडियोलॉजी के एक विशेषज्ञ डॉ. सुमेर सेठी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि AI ने एम्स में एक एक्स-रे रिपोर्ट लिखी। यह चिकित्सा तकनीक के लिए एक बड़ी छलांग है और काम की गति को बढ़ावा देने में एक बेहतरीन कदम है। यह रिपोर्ट को तेजी से पढ़ने, कम चूक व बेहतर प्राथमिकता का माध्यम है। साथ ही वायरल रिपोर्ट हमें याद दिलाती है कि एआई के परिणाम प्रारंभिक होते हैं और उनका चिकित्सकीय रूप से संबंध होना आवश्यक है।

उन्होंने आगे कहा कि रेडियोलॉजी के विशेषज्ञ रिपोर्ट के संदर्भ व उसकी जटिलता की बारीकियों की व्याख्या करते हैं। भविष्य में एआई रेडियोलॉजिस्ट की सहायता करेगा, उनकी जगह नहीं लेगा। डॉ. मयंक प्रतीक नामक एक डॉक्टर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा कि जैसा कि उन्होंने कहा कि अगले दस वर्षों में रेडियो डायग्नोसिस में एआई जगह ले लगेगा। यह रिपोर्ट उसका सबूत है। एआई द्वारा निर्मित एक्सरे रिपोर्ट एम्स से ली गई है। भविष्य अभी आने वाला नहीं है। वह पहले ही आ चुका है।
वायरल रिपोर्ट में डिस्क्लेमर देते हुए सफाई में लिखा गया है कि एआई द्वारा तैयार यह रिपोर्ट प्रारंभिक है और सिर्फ डॉक्टरों के इस्तेमाल के लिए है। इसे स्वतंत्र या प्राथमिक इलाज के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।





