
सावधान! दिल्ली में एक्सप्रेसवे और हाईवे पर AI वाले कैमरे रखेंगे बिना PUC की गाड़ियों पर नजर
अब अगर बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) वाले गाड़ियों एक्सप्रेसवे और हाईवे से लेकर निकले तो चालान कटेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए अब एआई तकनीक का सहारा लेगा।
अब अगर बिना प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) वाले गाड़ियों एक्सप्रेसवे और हाईवे से लेकर निकले तो चालान कटेगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) भी प्रदूषण नियंत्रण के लिए अब एआई तकनीक का सहारा लेगा।
एआई युक्त ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे की मदद से रियल टाइम में हाईवे और एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले वाहनों के पीयूसीसी स्टेट्स की ‘वाहन डेटाबेस’ से जांच की जाएगी। जिन वाहनों के पीयूसीसी नहीं होंगे, उनके रिकॉर्ड चालान के लिए पुलिस को भेजे जाएंगे। एनएचएआई ने इसका प्रयोग गुरुग्राम में किया है। अब इसे चरणबद्ध तरीके से राजधानी के हाईवे पर भी लागू किया जाएगा।
इन रास्तों पर रहेगी पैनी नजर
राजधानी में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, एनएच-9, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, द्वारका एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे समेत सभी मार्गों पर इस तकनीक के जरिये बिना पीयूसीसी के चल रहे वाहनों पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि रोज लाखों वाहन एक्सप्रेसवे और हाईवे से गुजरते हैं। इस तकनीक से हर वाहन को स्कैन किया जा सकता है। यानी कोई भी वाहन बच नहीं पाएगा। जो वाहन पीयूसीसी के बिना एनएचएआई के मार्ग पर उतरेगा, वह निश्चित रूप से पकड़ा जाएगा।
धुआं छोड़ने वाले वाहन भी चिह्नित किए जाएंगे
एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लोगों को नियमित रूप से वाहन की जांच करानी चाहिए। जिनका वाहन प्रदूषणकारी है, उन्हें खामी दूर करानी चाहिए। प्रदूषण की समस्या को कम करने के लिए बिना पीयूसीसी वाहन दौड़ाने वालों पर कार्रवाई जरूरी है, इसलिए यह प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहनों को भी चिह्नित किया जाएगा जो धुआं छोड़ते हुए जाते हैं।





