गाजियाबाद में छात्रा ने दोस्त को वीडियो भेजकर जान दे दी, सुसाइड नोट में क्या लिखा
गाजियाबाद में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। सिद्धार्थ विहार स्थित वृंदावन सोसाइटी में छात्रा ने सोमवार देर रात फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। आत्महत्या करने से पहले छात्रा ने अपने एक दोस्त को कुछ वीडियो भेजे। युवक जब तक उसके कमरे पर पहुंचा, वह फंदे से लटक चुकी थी।

गाजियाबाद में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। सिद्धार्थ विहार स्थित वृंदावन सोसाइटी में छात्रा ने सोमवार देर रात फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। आत्महत्या करने से पहले छात्रा ने अपने एक दोस्त को कुछ वीडियो भेजे। युवक जब तक उसके कमरे पर पहुंचा, वह फंदे से लटक चुकी थी। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है।
पुलिस के मुताबिक रात करीब दो बजे पीआरवी को सिद्धार्थ विहार स्थित वृंदावन सोसाइटी में युवती द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना मिली। पुलिस ने कमरे का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन अंदर से बंद होने के कारण दरवाजा नहीं खुला।
इसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। कमरे में पंखे से एक युवती का शव लटका हुआ मिला। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर जांच कराई और शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए एमएमजी अस्पताल भेज दिया।
एसीपी कोतवाली उपासना पांडेय ने बताया कि मृतका की पहचान 25 वर्षीय आरती के रूप में हुई है। वह मूलरूप से मुजफ्फरनगर के गांव सिमोली की रहने वाली थी और वृंदावन सोसाइटी में रहकर ग्रेटर नोएडा के एक निजी कॉलेज में फिजियोथैरेपी की पढ़ाई कर रही थी।
एसीपी के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरती ने आत्महत्या करने से पहले अपने एक दोस्त को कुछ वीडियो भेजे थे। युवक तुरंत उसके कमरे पर पहुंचा, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था। फिर उसने पुलिस को सूचना दी।
मौके से मिले सुसाइड नोट में प्रेम संबंध में धोखा मिलने समेत कुछ अन्य बातें लिखी हुई हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट पुराना लग रहा है और इसकी जांच की जा रही।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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