गुरुग्राम में 18 साल बाद 206 लोगों को फ्लैट का मालिकाना हक मिलेगा, कब्जा प्रमाणपत्र जारी
गुरुग्राम के सेक्टर-50 स्थित फ्रेस्को सोसाइटी के 206 लोगों को जल्द मालिकाना हक मिल जाएगा। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने चार टावर का कब्जा प्रमाणपत्र यूनिटैक लिमिटेड को जारी कर दिया। इससे उन्हें राहत मिली है।

गुरुग्राम के सेक्टर-50 स्थित फ्रेस्को सोसाइटी में रहने वाले 206 परिवारों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें फ्लैट का मालिकाना हक मिल जाएगा। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने चार टावर का कब्जा प्रमाणपत्र यूनिटैक लिमिटेड को जारी कर दिया है।
2016 में इन फ्लैट में परिवार रह रहे थे
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने गुरुग्राम में 16.93 एकड़ में फ्रेस्को सोसाइटी को विकसित करने के लिए यूनिटैक लिमिटेड को लाइसेंस जारी किया था। टावर नंबर एक से लेकर टावर नंबर 12 तक का कब्जा प्रमाण पत्र तो मिल गया था, लेकिन टावर नंबर 14 से लेकर टावर नंबर 17 का कब्जा प्रमाण पत्र नहीं मिला था। साल 2016 में इन फ्लैट में परिवार रह तो रहे थे, लेकिन उनके पास मालिकाना हक नहीं था। न तो वह इस फ्लैट पर ऋण ले पा रहे थे और न ही किसी को बेच पा रहे थे।
पूरी सोसाइटी में करीब 850 फ्लैट
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने अब इन चारों टावर को कब्जा प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। इन टावर में रह रहे लोगों के नाम पर अब यूनिटैक की तरफ से फ्लैट की रजिस्ट्री करवाई जाएगी। टावर नंबर 14 और 17 में 102 फ्लैट हैं और यह 18 मंजिला है। इस तरह टावर नंबर 15 और 16 में 98 फ्लैट हैं, जोकि 17 मंजिला ऊंची इमारत है। बता दें कि इस पूरी सोसाइटी में करीब 850 फ्लैट हैं। स्थानीय निवासी सपना गुप्ता का कहना है कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि है।
2008 में फ्लैट बुक करवाए थे
आरडब्ल्यूए प्रधान निलेश टंडन का कहना है कि लोगों ने साल 2008 में फ्लैट बुक करवाया था। साल 2016 में कब्जा प्रमाण पत्र तो मिल गया था, लेकिन मालिकाना हक नहीं मिला था। लोगों की इस आवाज को आरडब्ल्यूए की तरफ से उठाया जा रहा था। अब कब्जा प्रमाण पत्र मिलने के बाद उन्हें राहत मिली है। इसके अलावा सोसाइटी में वर्षों से बंद पड़े स्वीमिंग पुल को दोबारा शुरू करवाया है।
डीएलएफ में फिलहाल सील नहीं होंगे 1600 मकान
गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-एक से लेकर फेज-पांच तक के करीब 1600 मकानों को फिलहाल सीलिंग और तोड़फोड़ से राहत मिली हुई है। मंगलवार को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में डीएलएफ मामले में सुनवाई थी। उम्मीद थी कि सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय का स्टे हट जाएगा, लेकिन अभी स्टे बरकरार है।
1600 मकान के मालिकों ने याचिका दायर की थी
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के डीटीपीई कार्यालय ने एक सर्वे रिपोर्ट पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के समक्ष रखी थी। इसके मुताबिक करीब 5100 मकानों में नक्शे और कब्जा प्रमाणपत्र का उल्लंघन हुआ है। उच्च न्यायालय ने इन सभी मकान मालिकों को पक्ष रखने के लिए समय दिया था। करीब 1600 मकान के मालिकों ने उच्च न्यायालय में आपत्ति दायर करते हुए याचिका दायर की थी।
मंगलवार को इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में सुनवाई थी। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग ने कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत की। अगली सुनवाई से पहले मकानों के नक्शे और कब्जा प्रमाणपत्र जमा करवाने के आदेश जारी किए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई 28 जुलाई निर्धारित है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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