नोएडा हिंसा का 'इंजीनियर' : आदित्य आनंद के घर मिला आंदोलन का ब्लूप्रिंट, कई संगठनों संग मिल कर रची साजिश

Praveen Sharma हिन्दुस्तान, नोएडा
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नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा के मामले में गिरफ्तार इंजीनियर आदित्य आनंद को लेकर यूपी एसटीएफ (STF) ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बिहार के हाजीपुर का रहने वाला आदित्य नोएडा के सेक्टर-37 में रहकर बड़ी साजिश बुन रहा था।

नोएडा हिंसा का 'इंजीनियर' : आदित्य आनंद के घर मिला आंदोलन का ब्लूप्रिंट, कई संगठनों संग मिल कर रची साजिश

नोएडा में श्रमिक आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार इंजीनियर आदित्य आनंद के बारे में कई अहम जानकारी सामने आई हैं। एसटीएफ के अधिकारियों का दावा है कि आदित्य ने 13 अप्रैल के पहले चार संगठनों के 70 से अधिक लोगों को अपने साथ जोड़ा था। एसटीएफ अधिकारियों का दावा है कि आदित्य दिशा स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन, आरडब्ल्यूपीआई (भारतीय क्रांतिकारी मजदूर पार्टी), नौजवान भारत सभा और एकता संघर्ष समिति जैसे संगठनों के संपर्क में रहा। वह ऐसे युवकों को जोड़ रहा था, जो काफी पढ़े-लिखे और उग्र हों। वह दिल्ली के कई छात्रों के भी संपर्क में था।

आदित्य आनंद मूलरूप से बिहार के हाजीपुर का रहने वाला है। पुलिस को आदित्य के नोएडा स्थित घर में श्रमिक आंदोलन की तैयारी का ब्लू प्रिंट मिला है। पुलिस और एसटीएफ की टीमों ने जब उसके सेक्टर-37 स्थित अरुण विहार वाले घर की तलाशी ली तो वहां श्रमिक आंदोलन से जुड़े कई दस्तावेज और नोटबुक मिली। प्रदर्शन में किसकी क्या भूमिका होगी, कौन-कौन श्रमिकों के बीच पहुंचकर भाषण देगा और कहां-कहां भीड़ जुट सकती है, इसकी सारी जानकारी इनमें थी। आदित्य के चार साथियों से भी पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीमें पूछताछ कर रही हैं।

श्रमिकों के प्रदर्शन में आए थे दिल्ली से छात्र

दिल्ली के एक विश्वविद्यालय के छात्र भी प्रदर्शन के पहले और उस दिन नोएडा आए थे। वे भी श्रमिकों के बीच रहे थे। आदित्य ने श्रमिक हिंसा वाले दिन बाल दाढ़ी में भाषण दिया था। पुलिस की नजर से बचने के लिए अगले ही दिन उसने बाल और दाढ़ी कटवा ली। हालांकि, भाषण के दौरान उसकी भाषा पर पकड़ और बोलने के तरीकों को लेकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी सतर्क हो गए थे। उन्होंने तुंरत संबंधित अधिकारियों को बताया था कि एक युवक खुद को श्रमिक बताकर उन्हें भड़का रहा है। दावा है कि पूछताछ के दौरान आदित्य ने अपने कुछ अन्य साथियों के नाम भी पुलिस को बताए हैं। केस दर्ज होने के बाद आदित्य ने तत्काल तमिलनाडु का टिकट कराया और ट्रेन से वहां पहुंच गया। हालांकि, यूपी एसटीएफ और पुलिस की टीमें उसके पीछे-पीछे ही तमिलनाडु पहुंच गईं। पुलिस को अभी तक आदित्य का कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है।

नोएडा लाया गया साजिशकर्ता

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद साजिशकर्ता आदित्य आनंद को तमिलनाडु से रविवार को नोएडा लाया गया। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अधिकारी आगामी दिनों में आरोपी को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की बात कह रहे हैं। इसके लिए न्यायालय में अर्जी लगाई जाएगी। सात दिन की रिमांड मांगी जाएगी। अगर रिमांड मिलती है तो पुलिस को कई अहम जानकारी पूछताछ के दौरान मिलेगी। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

कंपनी प्रबंधन से भी पूछताछ होगी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आदित्य आनंद ने नोएडा और गुरुग्राम की जिन-जिन कंपनियों में नौकरी की, वहां के प्रबंधन से भी उसके बारे में जानकारी जुटाई जाएगी। कंपनी में उसके काम के तरीकों और व्यवहार का पता लगाया जाएगा। अरुण विहार में जहां आदित्य रहता था, वहां वह आसपास के लोगों से बातचीत नहीं करता था। अक्सर कुछ युवक उसके घर के पास शाम को आते थे। उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद आसपास के लोग भी हैरान हैं।

पुलिसकर्मियों की वापसी होगी

शहर में 13 अप्रैल को हुई हिंसा के बाद 12 से अधिक जिलों की पुलिस फोर्स नोएडा बुलाई गई थी। इनमें गाजियाबाद, झांसी, मुरादाबाद, आगरा और मथुरा समेत अन्य जिले शामिल हैं। भारी संख्या में पुलिसबल की मौजूदगी से राहत मिली और अगले ही दिन से हालात सामान्य होने लगे। बीते दो दिनों से कहीं पर भी श्रमिकों ने प्रदर्शन नहीं किया। ऐसे में बाहरी जिलों से आए पुलिसकर्मियों को जल्द ही वापस भेज दिया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। जिले के सभी हिस्से में रविवार को भी शांति रही। कहीं पर भी कोई प्रदर्शन नहीं हुआ। एहतियातन पुलिसबल तैनात किया गया था।

रिपोर्ट : रवि प्रकाश सिंह रैकवार

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प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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