गुरुग्राम में अवैध फ्लैटों की रजिस्ट्री करने वाले कई तहसीलदार नपेंगे, DC से कार्रवाई की सिफारिश
गुरुग्राम में कई तहसीलदारों पर ऐक्शन की तलवार लटक गई है। अवैध फ्लैटों की रजिस्ट्री के मामले में नियोजन विभाग ने जिला उपायुक्त से जांच कराने के बाद इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।

गुरुग्राम के पालम विहार के 11 मकानों में अवैध रूप से निर्मित फ्लैट की रजिस्ट्री करने वाले कई तहसीलदार नपेंगे। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक अमित खत्री ने जिला उपायुक्त को इस मामले जांच करके तहसीलदारों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है।
पालम विहार के सी-टू ब्लॉक में मकान नंबर 913, 921, 922, 924, 935, 951, 956, 979बी, 1226, 1251, 1310 में 16 फ्लैट से लेकर 24 फ्लैट बनाए गए हैं। नियमानुसार एक मकान में सिर्फ चार फ्लोर का निर्माण किया जा सकता है। इस ब्लॉक की आरडब्ल्यूए ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पिछले साल एक याचिका दायर की थी।
स्टिल्ट पार्किंग में भी फ्लैट बनाकर बेच डाले
इसमें कहा था कि इन प्लॉट मालिकों ने नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग से मंजूर नक्शों और कब्जा प्रमाण पत्र का उल्लंघन किया है। एक फ्लोर पर चार से छह फ्लैट बनाए गए हैं। कुछ प्लॉट मालिकों ने तो स्टिल्ट पार्किंग में भी अवैध रूप से फ्लैट बनाकर बेच डाले हैं। इस वजह से कॉलोनी में बिजली, पानी, सीवर और पार्किंग व्यवस्था पर गहरा असर पड़ रहा है।
तहसीलदारों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश
हाईकोर्ट ने इस मामले में नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक को याचिकाकर्ता की याचिका की सुनवाई के बाद नियमानुसार विभागीय कार्रवाई करने के आदेश जारी किए थे। निदेशक ने आरडब्ल्यूए का पक्ष सुनने के बाद जिला उपायुक्त से इन फ्लैटों की अवैध रूप से रजिस्ट्री करने वाले तहसीलदारों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है। निदेशक ने डीटीपीई अमित मधोलिया को निर्देश जारी किए हैं कि वे नियमानुसार इन मकानों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाएं। बता दें कि इनमें से पांच मकानों को डीटीपीई कार्यालय ने साल 2022 और साल 2024 में सील किया था। सील को तोड़कर फ्लैट बनाकर बेचे गए।
हरेरा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी
नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक ने इस मामले से हरेरा को सूचित किया है। हरेरा को बताया है कि एक मकान में 8 ज्यादा फ्लैट का निर्माण हुआ है। ऐसे में हरेरा अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का आग्रह किया है। वहीं, निदेशक ने डीटीपीई को निर्देश दिए हैं कि वे इस सिलसिले में सार्वजनिक सूचना निकालें।
अमित मधोलिया, डीटीपीई, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, ''एक मकान में चार फ्लोर बना सकते हैं, लेकिन प्लॉट मालिकों ने नियमों का उल्लंघन किया है। मकानों में 16 फ्लैट से लेकर 24 फ्लैट बनाकर लोगों को बेच दिए। निदेशक कार्यालय ने फ्लैटों की अवैध रूप से रजिस्ट्री करने वाले तहसीलदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जिला उपायुक्त को पत्र लिखा है।''


