‘यह 2+2 को 5 नहीं, 7 लिखने जितना गलत’; नटराजन का पर्चा रद्द होने से भड़के कांग्रेस नेता EC पहुंचे
भाजपा नेता राहुल कोठारी ने भोपाल में निर्वाचन अधिकारी के सामने शिकायत दर्ज कराई थी कि नटराजन ने अपने नामांकन फॉर्म में हैदराबाद के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट द्वारा उन्हें जारी किए गए समन की जानकारी नहीं दी थी।

मध्य प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले निर्वाचन अधिकारी ने कांग्रेस की इकलौती प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया था, इस मामले को लेकर कुछ कांग्रेसी नेता बुधवार को चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिले। इस प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल, पूर्व सांसद व वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी, जयराम रमेश और विवेक तन्खा समेत अन्य वरिष्ठ नेता शामिल रहे। इस मुलाकात के बाद सिंघवी ने आयोग के साथ हुई बातचीत की जानकारी दी और नटराजन के नामांकन रद्द करने को फैसले को बिल्कुल गैर-कानूनी और 'दो और दो' पांच की बजाय सात लिखने जितना गलत बताया।
कांग्रेस ने कहा कि उसके प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को विस्तार से बताया है कि कैसे रिटर्निंग ऑफिसर (RO) ने मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन खारिज करने में गलत आदेश दिया। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस को भरोसा दिलाया गया है कि चुनाव आयोग इस मामले की जांच करेगा। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इस फैसले को पलटने की मांग की है और इसे बेहद गलत और पूरी तरह से गैर-कानूनी करार दिया है।
कांग्रेस बोली- RO का फैसला बिल्कुल विकृत
अपनी बात रखते हुए सिंघवी ने कहा कि 'निर्वाचन अधिकारी (RO) ने नटराजन के खिलाफ लंबित आपराधिक मामले का हवाला देते हुए उनका नामांकन पत्र खारिज कर दिया, लेकिन असल में ऐसा कोई मामला है ही नहीं।' ईसी से मुलाकात के बाद सिंघवी ने कहा, 'हमारे प्रतिनिधि मंडल ने चुनाव आयोग के सामने विस्तृत रूप से अपनी बात रखी। हमने उन्हें बताया कि रिटर्निंग ऑफिसर का निर्णय बिल्कुल विकृत है, कानूनी रूप से गलत है और किसी हद में, किसी तरह से उसका समर्थन नहीं किया जा सकता।'
RO के फैसले को 2+2 को 7 लिखने जितना गलत बताया
रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले की आलोचना करते हुए सिंघवी ने नटराजन के नामांकन को रद्द करने को '2+2 को 5 लिखने जैसा नहीं, बल्कि 2+2 को 7 लिखने जितना गलत बताया।' अपनी बात को रखते हुए आगे उन्होंने कहा कि 'रिटर्निंग ऑफिसर ने सिर्फ इस गलतफहमी के आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया, कि इनके खिलाफ कोई क्रिमिनल केस पेंडिंग है, जिसका खुलासा उन्होंने अपने फॉर्म में नहीं किया है।' आगे सिंघवी ने कहा कि 'मजे की बात यह है कि नटराजन के खिलाफ कोई भी ऐसा क्रिमिनल केस नहीं है, जो कानून की नजर में मौजूद है, और जिसका वो खुलासा कर सकती थीं।'
'अभी नटराजन को सिर्फ कोर्ट का नोटिस मिला है'
जिस मामले को लेकर नटराजन का पर्चा रद्द किया गया, उसकी स्थिति स्पष्ट करते हुए कांग्रेस नेता ने बताया कि 'नटराजन के पास कोर्ट से एक नोटिस आया है कि आप आइए और बताइए कि हम इस केस का संज्ञान लें या नहीं लें। यह बात कानून की पहली कक्षा का विद्यार्थी भी जानता है कि मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेना एक प्राथमिक स्टेज होती है, और वो इसलिए ली जाती है कि वह यह निर्णय करें कि यह केस आगे चलना भी चाहिए या नहीं। बिना संज्ञान के कोई भी क्रिमिनल केस आगे बढ़ता ही नहीं है।'
संघवी ने बताया, नामांकन में किन केसों की जानकारी दी जाती है
हलफनामे में किस तरह के क्रिमिनल केसों की जानकारी दी जाती है, आगे इस बारे में बताते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि 'चुनाव आयोग का जो कानून है, उसमें स्पष्ट लिखा है कि आपको नामांकन पत्र में सिर्फ उन्हीं मामलों का खुलासा करना है, जिसमें अगर अपराध साबित हो तो सजा दो साल से ज्यादा हो या जिसमें चार्जेस फ्रेम हो चुके हों। ये सेक्शन 33ए कानून में लिखा है, जो हमको पढ़ने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि RO को इसे पढ़ना चाहिए।'
'FIR होने के लिए तीन स्टेज का पूरा होना जरूरी'
आगे निर्वाचन अधिकारी के फैसले को बिल्कुल गलत बताते हुए सिंघवी ने कहा, 'यह मामला तो संज्ञान की प्रथम श्रेणी में भी नहीं आता है, क्योंकि मजिस्ट्रेट ने अबतक संज्ञान तक नहीं लिया है।' आगे की प्रक्रिया बताते हुए उन्होंने कहा कि 'इस मामले में मीनाक्षी नटराजन को सुनने के बाद मजिस्ट्रेट संज्ञान लेंगे, उसके बाद तहकीकात होगी, तहकीकात के बाद चार्जशीट होगी, (अगर हुई तो) इसके बाद चार्जेस फ्रेम होंगे। यानी इस मामले में आगे के तीन हिस्से बचे हैं, संज्ञान का प्राथमिक हिस्सा अभी तक नहीं हुआ और रिटर्निंग ऑफिसर (RO) ने मान लिया कि ये एक क्रिमिनल केस पेंडिंग है।'
इसके अलावा कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी कहा कि उनके नामांकन में किसी गलती या जानकारी न देने के आरोप पूरी तरह बकवास हैं, साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर कांग्रेस की सीट छीनने की कोशिश करने का आरोप लगाया।


