अभिजीत दीपके ने बताया CJP ने संसद मार्च पूरा क्यों नहीं किया? VIDEO
Cockroach Janta Party Protest: हम चाहते तो आसानी से संसद तक जा सकते थे, लेकिन… कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत ने ऐसी क्या वजह बताई जिस कारण उन्होंने इस मार्च को पूरा नहीं किया। इसके साथ ही दीपके ने पुलिस को लेकर बड़ा दावा भी किया। जानिए क्या।

Cockroach Janta Party Protest: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर निकाले गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'चलो संसद' मार्च के बाद संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी चाहें तो संसद तक पहुंच सकते थे, लेकिन उन्होंने जान-माल के नुकसान से बचने के लिए ऐसा नहीं किया। इसके साथ ही दीपके ने पुलिस को लेकर गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में दीपके ने कहा, “पुलिस से ज्यादा लोग हमारे थे। अगर हम चाहते, तो आराम से बैरिकेड हटाकर संसद जा सकते थे। लेकिन हमने शांति चुनी। मैं नहीं चाहता था कि हमारे एक भी समर्थक की मौत हो। पुलिसवालों ने तय कर लिया था कि लोगों को मारकर रहेंगे। उन्हें ऐसे आदेश मिले थे कि इन लोगों को खत्म कर दो, ताकि भविष्य में कोई आवाज न उठा सके।”
सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP के हजारों समर्थक जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च के लिए निकले थे। संसद मार्ग, पटेल चौक, जनपथ और आरबीआई भवन के पास पुलिस ने कई स्तर की बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान कई जगह झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े। पुलिस के अनुसार, 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जबकि झड़प में 50 से अधिक पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
दिनभर चले घटनाक्रम के बाद सोमवार शाम जंतर-मंतर स्थित CJP का प्रदर्शन स्थल भी पूरी तरह खाली करा दिया गया। पुलिस की मौजूदगी में मंच, तंबू, बैनर और अन्य सामान हटा दिया गया। हालांकि, प्रदर्शन स्थल से कुछ दूरी पर बड़ी संख्या में समर्थक डटे रहे और लाउडस्पीकर लगे वाहन से सभा जारी रखी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया, पानी की आपूर्ति बाधित की और इंटरनेट नेटवर्क प्रभावित किया। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने कई आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और निषेधाज्ञा लागू कराने के लिए की गई।
CJP का कहना है कि उसका आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग पूरी होने तक आंदोलन किसी न किसी रूप में जारी रहेगा। वहीं, पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


