अभिजीत दीपके भी लड़ेंगे चुनाव; BJP नेता का बड़ा दावा, अरविंद केजरीवाल से तुलना
बीजेपी नेता निशिकांत दुबे ने दावा किया है कि अभिजीत दीपके भविष्य ने चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने अरविंद केजरीवाल के साथ तुलना करते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल भी अन्ना हजारे के आंदोलन से ही सामने आए थे।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को दावा किया है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके भविष्य में भीम आर्मी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे, क्योंकि हर जन आंदोलन से राजनीतिक नेता निकलते हैं। झारखंड के गोड्डा से सांसद ने कहा कि हालांकि, यह आंदोलन अब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना नेता मानता है और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उनकी ओर देखता है।
दुबे ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, हर आंदोलन ने राजनीतिक नेता दिए हैं। जेपी आंदोलन से लालू प्रसाद यादव जैसे नेता निकले। अरविंद केजरीवाल भी अन्ना हजारे के आंदोलन से ही सामने आए थे। उन्होंने कहा, अभिजीत दीपके भी भविष्य में चुनाव लड़ सकते हैं। नेपाल में भी, 'जेन जेड' आंदोलन से जुड़े लोग आखिरकार किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल हो गए। इसी तरह, अभिजीत दीपके भी किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल होंगे। मैं पूरे यकीन के साथ कह सकता हूं कि वह भीम आर्मी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।
नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को हजारों लोग 'कॉकरोच जनता पार्टी' के 'चलो संसद' मार्च में शामिल हुए। दीपके के नेतृत्व में, सीजेपी ने 20 जून को जंतर-मंतर पर देश की परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। अ28 जून को जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने के बाद इस प्रदर्शन को और गति मिली। दुबे ने दावा किया कि दीपके के आसपास नारे लगाने वाले लोग भीम आर्मी के समर्थक थे।
‘नारे लगाने वाले लोग भीम आर्मी के समर्थक’
उन्होंने आरोप लगाया, अभिजीत दीपके के आसपास नारे लगाने वाले लोग भीम आर्मी के समर्थक हैं और वे लोग हैं, जिन्होंने सीएए का विरोध किया था, जिसमें ओखला में लंबे समय तक चले विरोध प्रदर्शन से जुड़े लोग भी शामिल हैं। उनका एजेंडा साफ है। दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को एनडीए संसदीय दल की बैठक के दौरान युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बात की।
उन्होंने कहा, यह आंदोलन अब भी प्रधानमंत्री मोदी को अपना नेता मानता है। अगर युवाओं का किसी पर भरोसा है, तो वह प्रधानमंत्री मोदी हैं। भाजपा सांसद ने कहा, इस आंदोलन से जुड़े युवाओं ने बार-बार एक ही बात कही है - प्रधानमंत्री तक यह बात पहुंचाई जाए कि इन मामलों में पारदर्शिता होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।'' उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी ने भी आज अपने भाषण में इस बारे में बात की।
जब दुबे से आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल द्वारा मोदी को देश का सबसे बड़ा देश-विरोधी कहे जाने के बारे में पूछा गया, तो दुबे ने कहा कि इसपर कोई प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, अगर सड़क पर चलता हुआ कोई व्यक्ति कोई टिप्पणी करता है, तो क्या प्रधानमंत्री उसका जवाब देंगे? क्या प्रधानमंत्री को ऐसे हर बयान पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए?
भाजपा सांसद ने केजरीवाल पर पंजाब में ड्रग्स की समस्या को हल करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, अरविंद केजरीवाल क्या अच्छा काम कर रहे हैं? आप पंजाब की हालत जानते हैं। उन्होंने पंजाब के लिए क्या किया है? अगर पंजाब मादक पदार्थों का केंद्र बन गया है, अगर युवा मर रहे हैं और पूरा राज्य परेशान है, तो इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?
उन्होंने कहा, लोकपाल आंदोलन अन्ना हजारे की वजह से हुआ था, लेकिन जब केजरीवाल मुख्यमंत्री थे, तो क्या वह कभी अन्ना हजारे से मिलने गए? क्या लोकपाल लागू हुआ? क्या दिल्ली में लोकपाल नियुक्त किया गया? आप किस तरह के लोगों की बात कर रहे हैं?
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के इस बयान पर कि प्रधानमंत्री को कॉजपा के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ कथित पुलिस बर्बरता के लिए उनसे माफी मांगनी चाहिए, दुबे ने कहा कि इसके बजाय कांग्रेस को अपने शासनकाल की कई घटनाओं के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा, इंदिरा गांधी और उनके परिवार को 1975 में लगाए गए आपातकाल के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए। जिस तरह से अन्ना हजारे आंदोलन को दबाया गया और युवा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया, उसके लिए माफ़ी मांगी जानी चाहिए।
लेखक के बारे में
Aditi Sharmaअदिति शर्मा
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