भगवान राम का मजाक उड़ाकर हंस रहे थे अभिजीत; बरखा त्रेहन ने बताया, क्यों फेंकी स्याही
बरखा त्रेहन ने दावा किया है कि अभिजीत दीपके और उनके साथी भगवान राम का मजाक उड़ा रहे थे और इसी का विरोध करने के लिए उन्होंने उन पर स्याही फेंकी।

जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली बरखा त्रेहन ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि अभिजीत दीपके और उनके साथी भगवान राम का मजाक उड़ा रहे थे और हंस रहे थे। इसी का विरोध करने के लिए उन्होंने उन पर स्याही फेंकी।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्याही फेंकने के बाद उनके साथ हिंसक व्यवहार किया गया और उन्हें बुरी तरह पीटा गया। बरखा त्रेहन ने कहा, आप सोच भी नहीं सकते कि अभिजीत के गुंडों ने मेरे साथ कैसा बर्ताव किया। अभिजीत और उसके साथी मंच पर ही भगवान श्री राम और माता सीता का मज़ाक उड़ा रहे थे। मैंने विरोध जताने के लिए अभिजीत पर स्याही फेंकी। मैं ऐसी बातें कभी बर्दाश्त नहीं करती, चाहे वे टिप्पणियां मां दुर्गा, माता काली या भगवान श्री राम के बारे में हों।
बरखा त्रेहन ने कहा जहा तक गुंडों की बात है, उन्होंने मुझे बुरी तरह पीटा; उन्होंने मुझे मारा-पीटा और मेरे बाल नोंचे। उन्होंने दावा किया कि अभिजीत दीपके केवल सोनम वांगचुक को इस्तेमाल कर रहे हैं और यही बताने वह जंतर मंतर गई थीं।
उन्होंने आगे कहा, मैंने कुछ भी गलत नहीं किया था; मैंने कोई हिंसा नहीं की थी। फिर भी, उन्होंने मेरे साथ इतनी ज्यादा हिंसा की, और वे सोनम वांगचुक का इस्तेमाल कर रहे हैं। मैं सोनम वांगचुक को यही बताने गई थी: कि वे उनका इस्तेमाल कर रहे हैं, ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने अन्ना हजारे का इस्तेमाल किया था।
शनिवार को सोनम वांगचुक को जबरदस्ती सफदरजंग अस्पताल ले जाए जाने के लिए अभिजीत दीपके ने अनशन पर बैठने का ऐलान कर दिया था। इसके बाद वह वहां मौजूद समर्थकों को मंच से संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान बरखा त्रेहन ने पीछे से आकर उन पर इंक फेंक दी। इस घटना के बाद उन्हें तुरंत पकड़ लिया गया। उधर अभिजीत दीपके ने समर्थकों से बार-बार अपनी जगह पर बैठे रहने और उत्तेजित नहीं होने की अपील की। घटना के बाद दीपके ने कहा, नीला मेरा रंग है। जय भीम। पुलिस बरखा त्रेहन को कार्यक्रम स्थल से ले गई। वहां से ले जाए जाने के दौरान बरखा त्रेहन ने आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट की गई है और उसने धार्मिक नारे भी लगाए।


