अभिजीत दीपके कैसे कर पाएंगे अनशन, उन्हें तो एक बड़ी दिक्कत है
सोनम वांगुचुक को जंतर-मंतर से उठाए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने अनिश्चितकालीन अनशन की शुरुआत कर दी है। लेकिन उनके लिए यह काफी कठिन होगा, क्योंकि दीपके ने बताया था कि उन्हें माइग्रेन की समस्या है।

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगुचुक को अनशन के 21वें दिन जंतर-मंतर से उठा लिया गया तो कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल की शुरुआत कर दी। आलोचकों की ओर उठाई जा रही मांग पर ना-ना करते हुए दीपके ने पुलिस ऐक्शन से नाराज होकर अनशन शुरू तो कर दिया, लेकिन ऐसा करना उनके लिए बहुत कठिन होने जा रहा है। सिर्फ इसलिए नहीं कि दीपके ने पहले कभी अनशन नहीं किया है, बल्कि इसलिए भी कि उन्हें एक शारीरिक दिक्कत भी है, जिसकी वजह से वह खाना खाए बिना अधिक देर तक नहीं रह सकते हैं।
नीट पेपर लीक की वजह से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगते हुए 20 जून से जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे अभिजीत दीपके ने पिछले दिनों बताया था कि क्यों वह अधिक समय तक भूखे नहीं रह पाते हैं। एक तरफ जहां सोनम वांगचुक अनशन पर थे तो दूसरी तरफ दीपके के खाते-पीते वीडियो शेयर करते हुए आलोचक सवाल उठा रहे थे कि करीब 60 साल के सामाजिक कार्यकर्ता ही क्यों भूखे हैं, सीजेपी के युवा संस्थापक खाना क्यों नहीं छोड़ते? कई मीडिया चैनल्स और यूट्यूबर्स ने जब दीपके के सामने ये सवाल रखे तो उन्होंने बार-बार कहा कि ऐसा सोनम वांगचुक ने उन्हें अनशन से रोका है।
अभिजीत दीपके ने बताया- उन्हें क्या समस्या जिसकी वजह से भूखे नहीं रह सकते
दीपके ने एक प्रमुख कारण यह बताया था कि चूंकि उन्हें और उनकी कोर टीम को आंदोलन का प्रबंधन करना है, इसलिए वो अनशन पर नहीं बैठ सकते हैं। एक यूट्यूब चैनल से बातचीत करते हुए दीपके ने अपनी एक व्यक्तिगत समस्या का भी जिक्र किया। अभिजीत ने बताया कि असल में उन्हें माइग्रेन की समस्या है और इसलिए वह भूखे नहीं रह सकते हैं। दीपके ने कहा, 'भूख हड़ताल मेरे बस की बात नहीं। माइग्रेन की समस्या है। मेरी मां तो यही बोलती है कि तुझे टाइम खाना ना मिले तो सिर पकड़ लेता है। क्या कर रहा है तू अभी।' गौरतलब है कि बता दें कि माइग्रेन के मरीज अधिक देर तक भूखे नहीं रह सकते हैं। यदि वह अधिक देर तक भूखे रहते हैं तो यह माइग्रेन के नए दौरे को सुरू कर सकता है।
अभिजीत दीपके लिए और भी दिक्कतें
दरअसल, इस पूरे आंदोलन के कर्ताधर्ता अभिजीत दीपके ही हैं। आंदोलन की पूरी रूपरेखा उन्हें ही तय करना है। उन्हें एक तरफ आंदोलनकारियों में जोश भरना है तो दूसरी तरफ उन्हें नियंत्रित भी करना है। इसके लिए काफी कुछ ऊर्जा की जरूरत पड़ती है, जो भूखे रहकर करना बेहद कठिन है। अमेरिका में पढ़ाई करके लौटे दीपके पहले आम आदमी पार्टी के लिए कुछ समय तक काम जरूर कर चुके हैं, लेकिन उन्हें अनशन का कोई अनुभव नहीं। यदि दीपके का स्वास्थ्य अनशन की वजह से बिगड़ता है तो चुनौतियां बढ़ जाएंगी।
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Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
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