क्या अभिजीत दीपके को अमेरिका से निकाला गया है? विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से पहले केंद्र सरकार से अभिजीत दीपके को लेकर सवाल पूछा गया। एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान विदेश मंत्रालय से पूछा गया कि क्या दीपके को अमेरिका से निर्वासित किया गया है। क्या अमेरिकी अमेरिकी अधिकारियों ने इस बारे में भारत सरकार को सूचित किया था।
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन से पहले इसके संस्थापक अभिजीत दीपके के भारत आने के बारे में सवाल पूछा गया। शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से पूछा गया कि क्या अमेरिकी अधिकारियों ने दीपके के निर्वासन या वीजा के दुरुपयोग के बारे में उन्हें सूचित किया था।
यह सवाल दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को होने वाली चीफ जस्टिस ऑफ जस्टिस की रैली के लिए दीपके की भारत वापसी को लेकर चल रही अटकलों के बीच आया। प्रेस कांफ्रेस में जायसवाल से पूछा गया कि भारतीय नागरिक अभिजीत दीपके अमेरिका से लौट रहे हैं। क्या अमेरिकी सरकार ने उनके निर्वासन या उनके वीजा के दुरुपयोग के बारे में कोई जानकारी दी है? इसके जवाब में विदेश मंत्रालय ने कहा कि उनके पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सरकार ने कथित तौर पर कहा कि 2026 में अब तक अमेरिका से 1076 भारतीय नागरिकों को निर्वासित किया जा चुका है। पिछले साल यह संख्या 3567 थी। जायसवाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच प्रवासन और आवागमन को लेकर बातचीत चल रही है। हमारा ध्यान अवैध प्रवासन पर नकेल कसने और उसे रोकने पर है। साथ ही यह सुनिश्चित करना भी है कि इससे कानूनी प्रवासन पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
गिरफ्तारी का डर जताया
पिछले महीने एक इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने कहा था कि उन्हें डर है कि अमेरिका से दिल्ली पहुंचते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। दीपके ने कहा था कि मुझे लगता है कि दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरते ही दिल्ली पुलिस का काफिला मुझे तिहाड़ जेल ले जाएगा। इस बीच, उनका परिवार महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर स्थित अपने घर से एक अज्ञात स्थान पर चला गया है। हालांकि, उनके पिता ने स्पष्ट किया कि उन्हें कोई धमकी नहीं मिली है।
आज दिल्ली में बड़ा विरोध प्रदर्शन
कुछ सप्ताह पहले व्यंग्यात्मक संगठन के रूप में शुरू हुई और सोशल मीडिया पर सनसनी बन चुकी 'कॉकरोच जनता पार्टी' शुक्रवार को दिल्ली में अपना पहला बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। अभिजीत दीपके ने हाल ही में इस प्रदर्शन की घोषणा करते हुए देश भर के छात्रों, उनके अभिभावकों और युवाओं से बड़ी संख्या में इसमें शामिल होने का आह्वान किया है। NEET-UG परीक्षा का पेपर लीक और CBSE की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली में अनियमितताओं के मद्देनजर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर यह विरोध प्रदर्शन बुलाया गया है।
प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं ली गई
दिल्ली पुलिस के अनुसार, अभी तक विरोध प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। माना जा रहा है कि अभिजीत दीपके शुक्रवार सुबह 9 बजे प्रदर्शन शुरू होने से पहले पुलिस से मंजूरी लेने वाले हैं। विरोध प्रदर्शन से एक दिन पहले सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और वरुण दास ने एक मैसेज जारी कर प्रेम और सद्भाव से भरे शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आह्वान किया। बयान में कहा गया कि कल हम इस देश की शिक्षा प्रणाली को फिर से स्थापित करेंगे। कल हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारी आवाज को अब और अनदेखा नहीं किया जा सकता। कल हम अपने लोकतंत्र और अपने इस खूबसूरत राष्ट्र को दोबारा प्राप्त करेंगे।
कौन हैं अभिजीत दीपके
सीजेपी के 30 साल के संस्थापक महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया है। हाल ही में बोस्टन यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में दो साल का स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की है।
दरअसल, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत द्वारा कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना तिलचट्टे और परजीवी से करने वाली टिप्पणियों पर मचे बवाल के बाद उन्होंने सीजेपी का गठन किया। इस संगठन को सोशल मीडिया पर जबरदस्त समर्थन मिला। पार्टी के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स की संख्या भाजपा के फॉलोअर्स से भी अधिक हो गई। शुक्रवार को एक पोस्ट में दीपके ने कहा कि उन्होंने अमेरिका छोड़ दिया है। साथ ही कहा कि उन्हें देश के संविधान पर पूरा विश्वास है।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


