दिल्ली चुनाव रद्द करने की मांग, AAP सांसद संजय सिंह ने संसद में दिया नोटिस
सांसद ने संसद में शून्य काल के दौरान चर्चा के लिए सदन को नोटिस दिया है। इसकी जानकारी उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर दी। उन्होंने लिखा- दिल्ली का चुनाव रद्द हो। लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई सरकार को झूठा मुकदमा लगाकर बदनाम किया गया।

राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिल्ली का चुनाव रद्द करने की मांग की है। सांसद ने संसद में शून्य काल के दौरान चर्चा के लिए सदन को नोटिस दिया है। इसकी जानकारी उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर दी। उन्होंने लिखा- "दिल्ली का चुनाव रद्द हो। लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई सरकार को झूठा मुकदमा लगाकर बदनाम किया गया। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित आप के तमाम नेताओं को अवैध तरीके से गिरफ्तार किया गया और साजिश रचकर चुनाव हराया गया है।"
एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ हो रहा
सदन को दिए गए नोटिस में संजय सिंह ने एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों के विरुद्ध किए जाने का आरोप लगाया गया है। दिल्ली आबकारी नीति मामले में पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल, शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के शामिल होने का जिक्र करते हुए लिखा है- “विशेष अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अभियोजन पक्ष 'प्रथम दृष्टया' साक्ष्य स्थापित करने में विफल रहा और मामले को कानूनी रूप से अस्थिर बताया। न्यायपालिका की यह टिप्पणी जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है।”
दिल्ली में नए सिरे से चुनाव हो, संजय सिंह
संजय सिंह ने आम आदमी पार्टी के नेताओं की गिरफ्तारियों का जिक्र करते हुए लिखा- गिरफ्तारियों जब जांच एजेंसियां अंततः अदालत में विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहती हैं, तो यह संदेह गहरा जाता है कि गिरफ्तारियां और अभियोजन न्याय के उद्देश्य से नहीं, बल्कि राजनीतिक विरोधियों को लक्षित करने के लिए किए गए थे। संजय सिंह ने इस नोटिस में कई मांग की हैं। इनमें मुख्य मांग दिल्ली में नए सिरे से चुनाव कराने की है। उन्होंने लिखा- अदालत की हालिया टिप्पणियों और आरोपियों को दोषमुक्त किए जाने के मद्देनजर, सरकार को दिल्ली में नए सिरे से चुनाव कराया जाए।
अब जानिए क्या है मामला
आपको बताते चलें कि निचली अदालत ने 27 फरवरी को केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य को आरोप मुक्त कर दिया था। अदालत ने सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा था-उसका मामला न्यायिक जांच में पूरी तरह से विफल रहा और पूरी तरह से निराधार साबित हुआ। इस मामले में जिन 21 लोगों को क्लीन चिट दी गई है, उनमें तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता भी शामिल हैं। अब इस मामले में एक नया मोड़ सामने आया है।
केस में एक और मोड़ सामने आया
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले के संबंध में केंद्रीय जांच एजेंसियों को बड़ी राहत देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपियों को बरी करते समय निचली अदालत की ओर से केन्द्रीय जांच ब्यूरो पर की गयी टिप्पणियों पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने सभी आरोपियों को नोटिस भी जारी किये हैं। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने आरोपियों को बरी किये जाने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए निचली अदालत के आदेश में की गई टिप्पणियों पर रोक लगा दी।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
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