AAP नेता विशेष रवि के चुनाव को चुनौती वाली अपील पर SC करेगा सुनवाई; क्या आरोप?
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की करोल बाग विधानसभा सीट से फरवरी 2020 में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता विशेष रवि के चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के करोल बाग से आम आदमी पार्टी के नेता विशेष रवि के 2020 के निर्वाचन को चुनौती देने वाली भाजपा नेता योगेंद्र चंदोलिया की याचिका पर सुनवाई को मंजूरी प्रदान कर दी है। भाजपा नेता चंदोलिया का आरोप है कि विशेष रवि ने चुनावी हलफनामे में अपनी शैक्षणिक योग्यता की गलत जानकारी दी थी। शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल अपील पर विशेष रवि को नोटिस जारी किया है।
क्या लगाए गए थे आरोप?
आम आदमी पार्टी के नेता विशेष रवि के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले भाजपा नेता योगेंद्र चंदोलिया ने आरोप लगाया था कि आप विधायक ने अपने चुनावी हलफनामे में शैक्षणिक योग्यता के संबंध में गलत जानकारी दी थी। चंदोलिया ने मांग की थी कि करोल बाग सीट के चुनाव परिणाम को अमान्य घोषित किया जाए।
याचिका में कार्रवाई का कोई आधार नहीं
हाई कोर्ट ने रवि के इस दावे के आधार पर चुनाव याचिका को खारिज करने से इनकार कर दिया था कि चंदोलिया की याचिका में कार्रवाई का कोई आधार नहीं बताया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 मई को भाजपा नेता योगेंद्र चंदोलिया की याचिका को खारिज कर दिया था।
HC ने कहा था कि याचिका हो गई है बेअसर
हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि 2020 में निर्वाचित विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। साल 2025 में नए चुनाव भी हो चुके हैं। ऐसे में यह याचिका अब बेअसर हो गई है।
शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत जानकारी देने भी भ्रष्ट आचरण
हालांकि हाई कोर्ट ने यह भी कहा था कि किसी उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत जानकारी देना 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951' के तहत भ्रष्ट आचरण के दायरे में आ सकता है। याचिका में ऐसे आरोप हैं जिनसे पता चलता है कि आम आदमी पार्टी के विधायक अपनी उच्चतम शैक्षणिक योग्यता के बारे में अलग-अलग बातें कहते रहे हैं।
क्या गलत जानकारी देना जन प्रतिनिधित्व अधिनियम में शामिल?
योगेंद्र चंदोलिया ने दिल्ली हाईकोर्ट के उक्त आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने चंदोलिया की अपील पर विशेष रवि को नोटिस जारी किया। चंदोलिया की ओर से पेश वकील ने कहा कि इसमें कानून से जुड़ा एक बड़ा सवाल शामिल है। सवाल यह कि क्या फॉर्म 26 में शैक्षणिक योग्यता के बारे में गलत जानकारी देना 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम' की धारा 123(4) के दायरे में आएगा?


