'रेखा गुप्ता की नई हेराफेरी सामने आई', AAP नेता ने किस बात को लेकर दिल्ली की CM पर हमला बोला
आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता पर हेराफेरी का आरोप लगाया है। आप नेता ने दिल्ली के हरे-भरे और खुले क्षेत्रों में नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित करने के फैसले पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे प्रदूषण को कम करने के बजाय आंकड़ों में हेरफेर करने का प्रयास बताया।

आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता पर हेराफेरी का आरोप लगाया है। आप नेता ने दिल्ली के हरे-भरे और खुले क्षेत्रों में नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित करने के फैसले पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे प्रदूषण को कम करने के बजाय आंकड़ों में हेरफेर करने का प्रयास बताया।
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली के वायु गुणवत्ता आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है। उन्होंने भाजपा सरकार के दिल्ली के हरे-भरे और खुले क्षेत्रों में छह नए वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित करने के फैसले पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे प्रदूषण को कम करने के बजाय प्रदूषण के आंकड़ों में हेरफेर करने का जानबूझकर किया गया प्रयास बताया।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार का इरादा दिल्ली की हवा को साफ करना नहीं है। निगरानी के बुनियादी ढांचे को हरित क्षेत्रों में स्थानांतरित करके एक्यूआई रीडिंग को कृत्रिम रूप से कम करना है, ताकि प्रदूषण को रोकने के लिए ठोस उपाय किए बिना सुधार का झूठा आभास पैदा हो सके।
एक्स पर एक पोस्ट में सौरभ भारद्वाज ने लिखा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की नई हेराफेरी सामने आ गई है। सरकार ने अब हरे-भरे और खुले इलाकों में नए एक्यूआई निगरानी केंद्र स्थापित किए हैं। प्रदूषण कम किए बिना भाजपा सरकार एक्यूआई के आंकड़ों में हेरफेर करके प्रदूषण का स्तर कम दिखाएगी। इस हेराफेरी के बावजूद सीएक्यूएम भी चुप है, क्योंकि वहां सभी आईएएस अधिकारी केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं। दिल्ली में आईएएस अधिकारियों द्वारा आईएएस अधिकारियों के लिए बनाई गई व्यवस्था चल रही है।
इसके बाद सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भाजपा सरकार ने छह नए स्थानों पर स्टेशन स्थापित करने का निर्णय लिया है, जो सभी या तो वन क्षेत्र हैं या हरित क्षेत्र। उन्होंने कहा कि आश्चर्यजनक बात यह है कि ये सभी स्थान वन या हरित क्षेत्र हैं। जैसे सिविल लाइंस के पास सेंट्रल रिज, जेएनयू परिसर, इग्नू के पीछे का जंगल, अक्षरधाम के पास यमुना नदी का किनारा और एनएसआईटी परिसर। इन क्षेत्रों में कोई कारखाने नहीं हैं, वाहनों का आवागमन बहुत कम है और निवासी भी न के बराबर हैं।
उन्होंने कहा कि यहां प्रदूषण कहां से आएगा? भाजपा ने जानबूझकर ऐसी जगहें चुनी हैं ताकि प्रदूषण का स्तर कम दिखे और लोगों को यह विश्वास दिलाया जा सके कि हवा साफ हो गई है। यह दिल्ली की जनता के साथ खेला गया धोखा है।
भारद्वाज ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब भाजपा सरकार ने ऐसा कदम उठाया था। इससे पहले भी भाजपा सरकार ने हरित क्षेत्रों में नए एक्यूआई निगरानी केंद्र स्थापित किए थे, जिसका आम आदमी पार्टी ने कड़ा विरोध किया था।

लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
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