'मोदी जी आप विश्व गुरु नहीं, गुरु घंटाल हो'; आप नेता संजय सिंह का प्रधानमंत्री पर करारा प्रहार
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा प्रहार किया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक जनसभा में आप नेता ने पीएम मोदी को गुरु घंटाल तक कह दिया। उन्होंने कहा कि मोदी जी आप विश्व गुरु नहीं, गुरु घंटाल हो।

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा प्रहार किया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित एक जनसभा में आप नेता ने पीएम मोदी को गुरु घंटाल तक कह दिया। उन्होंने कहा कि मोदी जी आप विश्व गुरु नहीं, गुरु घंटाल हो।
आप नेता संजय सिंह ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि कोर्ट ने मुहर लगाई है कि अरविंद केजरीवाल सच्चे नेता थे, हैं और रहेंगे। किसी भाजपाई को हिम्मत नहीं है उनको बदनाम करने की। संजय सिंह ने कहा कि एक झूठा मुकदमा उनके खिलाफ बनाया गया। ये मुकदमा बनाया गया देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा। उनके गृह मंत्री अमित शाह के द्वारा।
ये मुकदमा इसलिए बनाया गया क्योंकि
संजय सिंह ने कहा कि ये मुकदमा क्यों बनाया गया। ये मुकदमा इसलिए बनाया गया क्योंकि भ्रष्टाचार के आंदोलन से निकला एक ईमानदार नेता दिल्ली की सरकार को चला रहा था। एक तरफ नरेंद्र मोदी हैं, जिन्होंने 12 साल में एक लाख सरकारी स्कूल बंद किया, एक तरफ अरविंद केजरीवाल हैं, जिन्होंने आपके बच्चों के लिए विश्व स्तरीय स्कूल बनाया है।
यूपी के अस्पतालों में मोमबत्ती से ऑपरेशन होता है
आप नेता ने कहा कि ये मुकदमा इसलिए लिखा गया कि एक तरफ नरेंद्र मोदी हैं जिनके डबल इंजन सरकार में उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में मोमबत्ती से ऑपरेशन होता है, कुत्ते बैठते हैं बेड पर वहीं, दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल हैं, जिन्होंने मोहल्ला क्लीनिक बनवाए, दवाइयां फ्री की, 200 तरह के जांच फ्री किए। साथ ही कहा कि आपका लाखों का ऑपरेशन हो, पैसा अरविंद केजरीवाल देगा।
केजरीवाल फ्री बिजली देने का काम करते हैं
आप नेता ने कहा कि ये मुकदमा इसलिए लिखा गया कि एक तरफ भारतीय जनता पार्टी है, नरेंद्र मोदी है, जो अडाणी को ठेका देकर महंगी बिजली बेचवाता है, दूसरी तरफ अरविंद केजरीवाल हैं जो कहते हैं कि गरीब के घर में रोशनी तो होगी, लेकिन उस रोशनी की कोई कीमत नहीं होगी। केजरीवाल फ्री बिजली देने का काम करते हैं। ये मुकदमा इसलिए लिखा गया कि हर घर में पीने का साफ पानी पहुंचेगा और दूसरी तरफ मोदी जी पीने के पानी का हजारों करोड़ का ठेका देते हैं।
मोदी जी ट्रंप के सामने सीकिया पहलवान बन जाते हैं
आप नेता ने कहा कि मोदी जी को लगा कि हम तो हिंदू-मुस्लिम की राजनीति चला रहे थे, अगर केजरीवाल की राजनीति देश भर में फैल गई तो हमारी दुकान बंद हो जाएगी। इसलिए मोदी जी ने झूठा मुकदमा बनाया। संजय सिंह ने कहा कि मोदी जी ट्रंप के सामने सीकिया पहलवान बन जाते हैं और अरविंद केजरीवाल के सामने दारा सिंह पहलवान। आप नेता ने कहा कि मोदी जी विश्व गुरु होने की बात करते हैं, लेकिन असल में वे गुरु घंटाल हैं।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।



