दिल्ली में 'मार्च' से ही 'मई' वाली गर्मी: 36°C तक पहुंचा पारा, जानें किस दिन होगी बारिश
दिल्ली में काफी दिन से असामान्य गर्मी का दौर जारी है और तापमान लगातार 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। इसके साथ ही रविवार को कुछ इलाकों में हल्की बारिश की भी संभावना है।

राजधानी दिल्ली में काफी दिन से असामान्य गर्मी का दौर जारी है और तापमान लगातार 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। इसके साथ ही रविवार को कुछ इलाकों में हल्की बारिश की भी संभावना है।
मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार 14 से 16 मार्च के बीच पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली-एनसीआर में आंशिक बादल, हल्की बारिश हो सकती है। इसके चलते तापमान में थोड़ी गिरावट आने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
दो दिन रहेगी हल्की गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल अगले दो दिनों तक हल्की गर्मी बनी रह सकती है, लेकिन 15 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने पर मौसम का मिजाज बदल सकता है। इस बीच 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच अधिकतम तापमान दर्ज किया जा सकता है।
कल कहां कितना रहा तापमान
मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.9 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत तापमान से 3.1 डिग्री अधिक है। वहीं, अगर अन्य मौसम केंद्रों की बात करें तो पालम में अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री, लोधी रोड में 36.1 डिग्री, रिज क्षेत्र में 36.6 डिग्री और आया नगर में 35.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इन सभी स्थानों पर तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री तक अधिक रहा।
गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने का अनुमान
राजधानी में मार्च से ही गर्मी का असर दिखने लगा है, जिससे इस बार गर्मियों में बिजली की मांग में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना है। अधिकारियों के अनुसार दिल्ली में इस वर्ष बिजली की अधिकतम मांग करीब 9,200 मेगावाट तक पहुंच सकती है, जबकि पिछले साल यह 8,442 मेगावाट रही थी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2028-29 तक यह मांग 10,000 मेगावाट से भी अधिक हो सकती है।बीएसईएस के अनुसार दक्षिण व पश्चिम दिल्ली में बीआरपीएल क्षेत्र में मांग 3,798 से बढ़कर लगभग 3,997 मेगावाट तक पहुंच सकती है। वहीं पूर्वी व मध्य दिल्ली में बीवाईपीएल क्षेत्र में यह 1,824 से बढ़कर करीब 1,991 मेगावाट होने का अनुमान है।


