दिल्ली में 7000 KM पानी की पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा, जल मंत्री प्रवेश वर्मा का ऐलान
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने आज विधानसभा में बताया कि उनकी सरकार राजधानी में चौबीस घंटे पानी उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके लिए 7000 किलोमीटर पानी की पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा। दिल्ली सरकार एवं जल बोर्ड भारत सरकार के सहयोग से हर घर तक जल पहुंचाने के लिए प्रतिबंध है।
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने आज विधानसभा में बताया कि उनकी सरकार राजधानी में चौबीस घंटे पानी उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके लिए 7000 किलोमीटर पानी की पुरानी पाइपलाइन को बदला जाएगा। दिल्ली सरकार एवं जल बोर्ड भारत सरकार के सहयोग से हर घर तक जल पहुंचाने के लिए प्रतिबंध है।
जल मंत्री ने सदन में बताया कि कई सदस्यों द्वारा उनके क्षेत्रों में गंदा पानी आने की शिकायतें आई हैं। पिछली सरकार ने बड़ी लापरवाही की थी। हमें एक जर्जर ढांचा विरासत में मिला है, दिल्ली में लगभग 40 फीसदी पाइपलाइन जर्जर हैं, जिन्हें 30 साल से अधिक समय हो गया है। इसकी वजह से गंदा पानी और पानी लीकेज की समस्या रहती है। कई दशकों से सीवेज यमुना में जा रहा था। इन समस्याओं का समाधान करने के लिए सरकार काम कर रही है।
हमें जर्जर जल ढांचा विरासत में मिला
वर्तमान सरकार ने जल विभाग की कमान ऐसी विकट और उपेक्षित स्थिति में संभाली, जो वर्षों की लापरवाही का परिणाम है। हमें एक जर्जर जल ढांचा विरासत में मिला है। कुल 16,000 किलोमीटर पाइपलाइन में से 5200 किलोमीटर से अधिक 30 साल से अधिक पुरानी है। 2700 किलोमीटर पाइपलाइन 20 से 30 साल पुरानी हैं, जिसके कारण जगह-जगह रिसाव, पाइप फटना, दूषण का खतरा और 55 प्रतिशत तक गैर राजस्व पानी यानी कि नॉन रेवेन्यू वाटर की हानि हो रही है।
24X7 स्वच्छ पानी देना हमारा संकल्प
2011 से प्रस्तावित बड़े सुधार प्रोजेक्ट चंद्रावल और वजीराबाद कमांड क्षेत्रों के टेंडर रद्द होने के कारण, इनकी पुनः टेंडरिंग होने के कारण और फंडिंग एजेंसियों की आपत्तियों के कारण ये सारे प्रोजेक्ट वर्षों तक लटके रहे। इससे लागत में भारी वृद्धि हुई और लाखों नागरिक 24X7 स्वच्छ जल से वंचित रहे। सीवर नेटवर्क से वंचित कॉलोनियों में सेप्टेज प्रबंधन पूरी तरीके से अनुपस्थित था। इसके चलते ओवरफ्लो सेप्टिक टैंकों का गंदा पानी नालों में बहकर यमुना को प्रदूषित कर रहा था और जल स्रोतों में मिक्सचर का गंभीर खतरा पैदा कर रहा था। कई दशकों से ट्रंक सीवरों की सफाई नहीं हुई। यह सभी अति गंभीर समस्याओं का पूरा बोझ अब वर्तमान सरकार पर आया है, लेकिन हम इन विरासत से मिली चुनौतियों से पार पाने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने पिछले 11 महीने में पेयजल पाइपलाइन से संबंधित जनहित में अनेक कदम उठाए हैं। हम जिस योजना पर काम कर रहे हैं, उससे पानी की जनता को 24X7 पानी की सप्लाई मिलेगी।
दिल्ली को 6 जोन में बांटकर योजना पर होगा काम
प्रवेश वर्मा ने बताया हमारी योजना में हमने दिल्ली को छह जोन में विभाजित किया है- ईस्ट, नॉर्थ ईस्ट, नॉर्थ वेस्ट, वेस्ट, साउथ, साउथ वेस्ट। जो पुरानी डीपीआर बनी थी, उसमें हमने नए कंसल्टेंट की नियुक्ति प्रक्रिया चालू कर दी है। इससे 4200 किलोमीटर नई लाइनों का प्रतिस्थापन, 54 यूजीआर नए बनेंगे, 1340 डीएमए नए बनेंगे और सभी का उद्देश्य 24X7 पानी की सप्लाई, एनआरडब्ल्यूए का 15 पर्सेंट तक कम करना और स्काडा से निगरानी करने का है। ये कामों से बहुत ही जल्दी आने वाले दो तीन सालों में दिल्ली की 16000 किलोमीटर पाइपलाइन में से 7000 किलोमीटर पाइपलाइन को आने वाले दो तीन सालों में चेंज कर दिया जाएगा, नया डाल दिया जाएगा।





