
यमुना सिटी में बसाए जाएंगे 5 नए सेक्टर, 7 गांवों के किसानों से जमीन खरीदेगा यीडा
यमुना एक्सप्रेसवे के पास 5 सेक्टर को विकसित करने की तैयारी है। इससे यमुना विकास प्राधिकरण की यहां प्रस्तावित विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी। इसके लिए सात गांवों के किसानों से भूमि खरीदी जाएगी। इनकी लिस्ट का प्रकाशन किया जा चुका है।
यमुना एक्सप्रेसवे के पास यमुना सिटी में 5 सेक्टर को विकसित करने की तैयारी है। इससे यमुना विकास प्राधिकरण की यहां प्रस्तावित विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी। इसके लिए सात गांवों के किसानों से भूमि खरीदी जाएगी। इनकी लिस्ट का प्रकाशन किया जा चुका है।

प्राधिकरण के अधिकारी ने बताया कि सेक्टर-5, 8, सेक्टर-8डी को विकसित करने के लिए मुढ़रह, थोरा, भीकनपुर और कलूपुरा गांव के किसानों से भूमि खरीदी जाएगी। जमीन पर जापानी सिटी, कन्वेंशन सेंटर समेत अन्य परियोजनाएं विकसित होंगी। यह जमीन 31 किसानों से खरीदी जानी है। वहीं, रबुपूरा, भुन्नातगा में सेक्टर-11, सेक्टर-34 और सेक्टर-21 के लिए जमीन खरीद होगी। प्राधिकरण की सेक्टर-11 में फिनटेक सिटी, सेक्टर-21 में फिल्म सिटी और सेक्टर-34 में औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने की तैयारी है। हालांकि, इन सेक्टरों में परियोजनाओं के लिए काफी भूमि का अधिग्रहण हो चुका है।
प्राधिकरण ने परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की रुकावट के लिए लैंडबैंक बनाने का काम शुरू किया है। इसके अलावा रबुपुरा के किसानों की कुछ भूमि सेक्टर-28 मेडिकल डिवासइ पार्क, डाटा पार्क और कॉमर्शियल और भविष्य में इस्तेमाल के लिए भी खरीदने की तैयारी है। साथ ही, मुरादगढ़ी के किसानों की भी जमीन ली जा रही है। कुल मिलाकर इन तीन गांव के 42 किसानों से जमीन ली जाएगी। इसके अलावा दस्तमपुर मिल्क करीबमाबाद, रन्हेरा और मुढ़रह के किसानों से सेक्टर-8 के लिए जमीन ली जाएगी। यहां पर कन्वेंशन सेंटर समेत लॉजिस्टिक और वेयर हाउसिंग पार्क प्रस्तावित हैं। इसके लिए 53 किसानों से भूमि खरीद होगी। प्राधिकरण ने सभी किसानों की सूची का प्रकाशन कर दिया है। इनसे 15 दिनों में आपत्तियां मांगी गई हैं। इसके बाद जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
जमीन का बैनामा होने पर 72 घंटे में भुगतान होगा
प्राधिकरण का दावा है कि जमीन खरीद के बाद बैनामा होने पर 72 घंटे के अंदर किसानों को उनका पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। इसे लेकर प्राधिकरण के पास बजट की कमी नहीं है। शासन से भूमि खरीद के लिए दो हजार करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। किसानों की सहूलियत के लिए प्राधिकरण अपने खजाने से भी रकम चुकाने को तैयार है।
आरके सिंह, सीईओ, यमुना विकास प्राधिकरण, ''परियोजनाओं को पूरा करने के लिए युमना प्राधिकरण तेजी से जमीन खरीद कर रहा है। साथ ही, बैनामे के बाद किसानों को 72 घंटे में भुगतान का नियम भी लागू कर दिया गया है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।''





