दिल्ली पुलिस का बड़ा ऐक्शन, 47 क्रिमिनल गिरफ्तार; 13 पिस्टल, 16 कारतूस और 31 चाकू बरामद
दिल्ली पुलिस ने राजधानी में बड़ी कार्रवाई करते हुए 47 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 13 अवैध देसी पिस्तौलें, 16 जिंदा कारतूस और 31 चाकू बरामद किए। इसके अलावा चोरी की एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। पुलिस ने कहा कि इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।

दिल्ली पुलिस ने राजधानी में बड़ी कार्रवाई करते हुए 47 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 13 अवैध देसी पिस्तौलें, 16 जिंदा कारतूस और 31 चाकू बरामद किए। इसके अलावा चोरी की एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। पुलिस ने कहा कि इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।
दिल्ली पुलिस ने उत्तरी रेंज के तीन जिलों में चलाए गए 24 घंटे के अभियान के दौरान 21 बदमाशों सहित 47 अपराधियों को गिरफ्तार किया। अभियान के दौरान अवैध आग्नेयास्त्रों और चाकुओं को जब्त किया गया। एक अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि स्ट्रीट क्राइम पर अंकुश लगाने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 11 मार्च की सुबह 8 बजे से 12 मार्च की सुबह 8 बजे तक 'ऑपरेशन शस्त्र' चलाया गया।
इस अभियान के दौरान, आउटरनॉर्थ, रोहिणी और नॉर्थवेस्ट जिलों की पुलिस टीमों ने मिलकर छापेमारी की और आर्म्स एक्ट के तहत 43 मामले दर्ज किए। इस कार्रवाई के तहत अधिकारियों ने 13 अवैध देसी पिस्तौलें, 16 जिंदा कारतूस और 31 चाकू बरामद किए। साथ ही चोरी की एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में से कई आदतन अपराधी थे। उनका कई आपराधिक मामलों में नाम दर्ज था, जिनमें डकैती, जबरन वसूली, छीन-झपट और हत्या का प्रयास शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में अशोक विहार थाने का कुख्यात अपराधी दिनेश उर्फ डोरेमोन भी शामिल था, जिसका 17 आपराधिक मामलों में नाम दर्ज है। उसे एक अवैध हथियार और चोरी की एक मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा गया।
एक अन्य मामले में गौरव को गिरफ्तार किया गया। उसका पहले भी दो बार आपराधिक रिकॉर्ड है। पुलिस ने उसके सोशल मीडिया प्रोफाइल पर हथियार और चाकू दिखाते हुए पाए जाने के बाद उसे गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि वह पहले एक हत्या और आर्म्स एक्ट के मामले में शामिल था। रोहिणी थाने का कुख्यात अपराधी महेश उर्फ चिकना को भी गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ हत्या के दो मामले सहित सात मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने नासिरुद्दीन उर्फ नासिर को भी गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ सात आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अक्सर अपना पता बदलता रहता था। आर्म्स एक्ट के मामलों के अलावा, पुलिस ने उत्पाद शुल्क अधिनियम के तहत 25 मामले दर्ज किए और 723 लीटर अवैध शराब जब्त करते हुए 24 लोगों को गिरफ्तार किया।
एक अलग कार्रवाई में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 9.3 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, जुआ अधिनियम के तहत सात मामलों में 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कहा कि इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


