Nuh-Alwar Highway : 46 KM लंबा नूंह-अलवर हाईवे होगा 4 लेन, वन विभाग से मंजूरी, यहां बनेंगे 2 बाईपास

Mar 12, 2026 03:35 pm ISTPraveen Sharma हिन्दुस्तान, नूंह, सरसमल
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Nuh-Alwar Highway : नूंह-अलवर रोड अब फोरलेन नेशनल हाईवे बनेगा। वन विभाग से इसके निर्माण की मंजूरी मिल गई है। करीब एक साल से लंबित इस फोरलेन परियोजना को अब सशर्त स्वीकृति दी गई है। 113 एकड़ वन भूमि डायवर्जन की अनुमति मिलने से निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

Nuh-Alwar Highway : 46 KM लंबा नूंह-अलवर हाईवे होगा 4 लेन, वन विभाग से मंजूरी, यहां बनेंगे 2 बाईपास

नूंह-अलवर रोड अब फोरलेन नेशनल हाईवे बनेगा। वन विभाग से इसके निर्माण की मंजूरी मिल गई है। करीब एक साल से लंबित इस फोरलेन परियोजना को अब सशर्त स्वीकृति दी गई है। 113 एकड़ वन भूमि डायवर्जन की अनुमति मिलने से निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।

गुरुग्राम-अलवर राष्ट्रीय राजमार्ग को नूंह से अलवर सीमा तक फोरलेन बनाया जाएगा। यह सड़क करीब 46 किलोमीटर लंबी है और लंबे समय से इसके विस्तार की मांग की जा रही थी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 31 मार्च 2025 को इस परियोजना के लिए लगभग 480.44 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया था।

भादस और मालब गांवों के पास बनाए जाएंगे बाईपास

इस परियोजना के तहत नूंह से राजस्थान के नौगावां बॉर्डर तक सड़क को चौड़ा किया जाएगा। साथ ही भादस और मालब गांवों के पास बाईपास भी बनाए जाएंगे। इन बाईपास का उद्देश्य गांवों के अंदर से गुजरने वाले भारी वाहनों को बाहर निकालना है, ताकि स्थानीय लोगों को जाम व दुर्घटनाओं से राहत मिल सके।

वन भूमि डायवर्जन के बाद खुला रास्ता

दरअसल, हाईवे परियोजना के लिए वन भूमि की मंजूरी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई थी। करीब एक साल की प्रक्रिया के बाद पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के चंडीगढ़ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने 113 एकड़ वन भूमि के डायवर्जन को सशर्त मंजूरी दी है। टेंडर प्रक्रिया 21 जनवरी 2026 को पूरी हुई थी। इसके बाद दो दिन पहले परियोजना को वन विभाग की स्वीकृति मिल गई। अब निर्माण एजेंसी को वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत निर्धारित शर्तों का पालन करना होगा। प्रतिपूरक वनीकरण और वन भूमि की कीमत भी जमा करनी होगी। यह राशि परिवेश पोर्टल के माध्यम से जमा कराई जाएगी।

खूनी हाईवे को लेकर वर्षों से चल रही थी मुहिम

स्थानीय लोग लंबे समय से इस सड़क को खूनी हाईवे कहते रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले करीब डेढ़ दशक में इस मार्ग पर लगभग 2200 लोगों की मौत हो चुकी है। सड़क संकरी होने और भारी यातायात के कारण दुर्घटनाएं लगातार होती रही हैं। इस सड़क को फोरलेन बनाने की मांग को लेकर मेवात आरटीआई मंच ने कई साल तक अभियान चलाया। समाजसेवी राजूद्दीन घागस और राज्य पुरस्कार विजेता सबीला जंग के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन, पदयात्रा और मानव श्रृंखला जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। करीब 20 हजार लोगों के हस्ताक्षर वाला 100 फुट लंबा कपड़ा भी प्रधानमंत्री को भेजा गया था।

मंजूरी के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल

वन विभाग से मंजूरी मिलने के बाद नगीना और बड़कली क्षेत्र में लोगों ने खुशी जताई है। मेवात आरटीआई मंच के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने लड्डू बांटकर इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इसे क्षेत्र की जनता के लंबे संघर्ष की जीत बताया। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि सड़क बनने से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और सफर सुरक्षित होगा। साथ ही नूंह और आसपास के इलाकों में व्यापार, पर्यटन और विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। निर्माण एजेंसी को यह परियोजना दो साल में पूरी करने का लक्ष्य दिया गया है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि फोरलेन बनने के बाद क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा।

Praveen Sharma

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Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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