
जेवर एयरपोर्ट तक चलेंगी 45 सीटर हाइड्रोजन बसें, एक बार फिलिंग में 600 KM कराएंगी सफर
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में नोएडा एयरपोर्ट तक हाइड्रोजन बसें चलाने का रास्ता साफ हो गया है। लेह-लद्दाख के बाद यमुना सिटी दूसरा शहर होगा, जहां ये बसें चलेंगी। बसों से प्रदूषण के बजाय सिर्फ पानी की भाप निकलेगी। इस प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूरी दी है।
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक हाइड्रोजन बसें चलाने का रास्ता साफ हो गया है। लेह-लद्दाख के बाद यमुना सिटी दूसरा शहर होगा, जहां हाइड्रोजन बसें चलेंगी। इन बसों से प्रदूषण के बजाय सिर्फ पानी की भाप निकलेगी। इस प्रस्ताव को बोर्ड ने मंजूरी दे दी है।

बसों से प्रदूषण की जगह निकलेगी पानी की भाप
बताया गया कि नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) की ओर से यमुना सिटी में हाइड्रोजन बसें चलाने का प्रस्ताव आया था। इससे शहर को ग्रीन ट्रांसपोर्ट के रूप में पहचान मिलेगी। एनटीपीसी शुरू में तीन लग्जरी एसी बसें लगाएगी, जिनमें 45 सीटें होंगी। यह बसें एक बार हाइड्रोजन भरने पर करीब 600 किलोमीटर तक चल सकेंगी और इनमें से सिर्फ पानी की भाप निकलेगी। कोई प्रदूषण नहीं होगा।
एनटीपीसी तैयार करेगी बसों के लिए हाइड्रोजन
एनटीपीसी बसों में ईंधन भरने और रखरखाव ही संभालेगी, जबकि ड्राइवर और कंडक्टर की जिम्मेदारी यमुना विकास प्राधिकरण की होगी। बसों के लिए हाइड्रोजन ईंधन एनटीपीसी ग्रेटर नोएडा प्लांट में तैयार करेगी। खास बात यह है कि यह हाइड्रोजन शोधित किए गए गंदे पानी से बनाया जाएगा, यह प्रक्रिया न केवल पर्यवरण हितैषी होगी, बल्कि जल पुनर्चक्रण की दिशा में भी अहम कदम साबित होगा।
एक रिपोर्ट के मुताबिक शहर में यातायात प्रदूषण का बड़ा कारक माना जाता है। जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कई सड़कों, एक्सप्रेसवे और हाइवे से कनेक्टिविटी होगी। यहां यातायात का दबाव नोएडा और ग्रेटर नोएडा के मुकाबले अत्याधिक होगा। ऐसे में शहर की हवा को साफ रखने में यह परियोजना काफी हद तक मदद करेगी।





