फरीदाबाद में एक ही दिन में 44 OYO Hotel सील, अवैध होटलों पर बल्लभगढ़ नगर निगम का बड़ा ऐक्शन
दिल्ली से सटे फरीदाबाद में बल्लभगढ़ नगर निगम ने अवैध रूप से चल रहे होटलों के खिलाफ सीलिंग अभियान शुरू किया है। पहले दिन 44 ओयो होटलों को सील किया गया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस दौरान निगम की टीम के साथ पुलिस तैनात रही।

दिल्ली से सटे फरीदाबाद में बल्लभगढ़ नगर निगम ने अवैध रूप से चल रहे होटलों के खिलाफ सीलिंग अभियान शुरू किया है। पहले दिन 44 ओयो होटलों को सील किया गया। बुधवार को सुबह 11 बजे से शुरू हुई सीलिंग की कार्रवाई शाम 4 बजे तक चली। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस दौरान निगम की टीम के साथ पुलिस तैनात रही। हालांकि कहीं भी इस कार्रवाई के खिलाफ ज्यादा विरोध देखने को नहीं मिला।
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त करण सिंह भदौरिया की निगरानी में सीलिंग की कार्रवाई रेलवे स्टेशन रोड, नवलू कॉलोनी से शुरू कार्रवाई। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में तहसीलदार भूमिका लंबा मौके पर मौजूद रहीं। गौरतलब है कि उपरोक्त कॉलोनी के लोगों ने होटलों की जांच करने की मांग की गई थी। इस बाबत लोगों ने नगर निगम में शिकायत भी की थी। उसी आधार पर निगम ने छह माह पहले होटलों की जांच की गई।
वैधता के दस्तावेज पेश नहीं कर सके होटल
नगर निगम की तरफ से सभी ओयो होटल संचालकों को वैधता साबित करने के लिए सुनवाई और दस्तावेज पेश करने का मौका दिया था। लेकिन कोई भी होटल वैधता साबित नहीं कर पाया। नतीजतन सीलिंग की कार्रवाई शुरू की गई।
होटल खोलने के लिए यह शर्तें जरूरी
● नियमों के अनुसार होटल चलाने के लिए भवन का स्वीकृत नक्शा होना जरूरी है।
● भूमि उपयोग कमर्शियल या मिश्रित श्रेणी में होना चाहिए।
● यदि भवन रिहायशी है तो पहले सीएलयू की अनुमति लेना अनिवार्य है।
● होटल संचालन के लिए ट्रेड लाइसेंस और अद्यतन प्रॉपर्टी टैक्स भी जरूरी है।
● फायर विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य है।
● अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म और आपातकालीन निकास की व्यवस्था भी होनी चाहिए।
इन शर्तों का पालन नहीं होने पर कार्रवाई की जा सकती है। होटल संचालकों को लॉजिंग हाउस लाइसेंस लेना पड़ता है। सभी मेहमानों का पहचान पत्र रिकॉर्ड रखना जरूरी है। विदेशी नागरिकों के लिए सी-फॉर्म भरना अनिवार्य है। परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाना भी आवश्यक है। यदि होटल में रेस्टोरेंट या फूड सर्विस है तो खाद्य सुरक्षा विभाग से एफएसएसएआई लाइसेंस लेना होता है। रसोई में स्वच्छता मानकों का पालन करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों ने संतोष जताया
नगर निगम की कार्रवाई के बाद रेलवे स्टेशन रोड और नवलू कॉलोनी के कई स्थानीय लोगों ने संतोष जताया। उनका कहना है कि रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति चल रहे होटलों से क्षेत्र की छवि प्रभावित हो रही थी। वहीं कुछ व्यापारियों ने मांग की कि निगम स्पष्ट नीति बनाकर वैध कारोबार करने वालों को राहत दे। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि शहर में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सीलिंग की वीडियोग्राफी की गई
निगम की कार्रवाई सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई और शाम चार बजे तक जारी रही। टीम ने एक-एक प्रतिष्ठान की जांच के बाद सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की। सभी स्थानों की वीडियोग्राफी कराई गई और होटलों के बाहर नोटिस चस्पा किए गए। अभियान के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। किसी प्रकार का विरोध सामने नहीं आया। अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई पूरी तरह शिकायतों के आधार पर की गई। जांच में पाया गया कि अधिकांश होटल बिना जरूरी अनुमति और संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए संचालित हो रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि करीब छह माह पहले इन प्रतिष्ठानों को लेकर शिकायतें मिली थीं। इसके बाद संचालकों को नोटिस जारी कर दस्तावेज पूरे करने के निर्देश दिए गए, लेकिन तय समय में नियमों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने साफ कहा कि नियमों की अनदेखी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
करण सिंह भदौरिया, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम बल्लभगढ़, ''अवैध रूप से चल रहे होटलों को सील किया गया है। नियमानुसार यह कार्रवाई की गई, जिन होटलों को सील किया गया है, वे वैधता के दस्तावेज नहीं दिखा पाए थे।''


