काम की बात: यमुना सिटी में खुलेंगी 4 और नई यूनिवर्सिटी, एजुकेशन हब बनेंगे ये 2 सेक्टर
जेवर एयरपोर्ट बनने के साथ ही तेजी से बदल रही यमुना सिटी के दो सेक्टर जल्द ही एजुकेशन हब बनने जा रहे हैं। जल्द ही यहां 4 नई यूनिवर्सिटी खोलने की तैयारी शुरू हो गई है, जबकि तीन यूनिवर्सिटी बनाने का काम पहले से ही जारी है।

यमुना सिटी के सेक्टर-17ए और सेक्टर-22ई शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित होंगे। इसके लिए तीन नए विश्वविद्यालयों का मौके पर निर्माण कार्य जारी है, जबकि चार नए विश्वविद्यालयों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में सेक्टर-17 में अभी गलगोटिया, नोएडा इंटरनेशनल विश्वविद्यायल संचालित हैं। निम्स मेडिकल कॉलेज भी चल रहा है। तीन नए विश्वविद्यालयों ने भूमि आवंटन के बाद नक्शा पास कराकर निर्माण शुरू कर दिया। सेक्टर-22ई में जेबीएम विश्वविद्यालय का निर्माण जारी है, जो दिसंबर तक पूरा होगा।
इसी सेक्टर में नरसी मोंजी ने भी नक्शा पास कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया। यह संस्थान पहली बार महाराष्ट्र से बाहर आया है, जो यमुना सिटी में 35 एकड़ में अपना कैंपस बनाएगा। वहीं, सेक्टर-17ए में जीएल बजाज विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य भी जारी है। एमिटी विश्वविद्यालय, लॉयड, बाबू बनारसी दास और महात्मा गांधी विश्वविद्यालयों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया का कार्य चल रहा है। जल्द ही इन संस्थानों को भूमि देने की तैयारी है।
किन-किन संस्थानों ने मांगी जमीन
सेविता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेज ने 250 एकड़ जमीन मांगी है। संस्थान तीन हजार करोड़ का निवेश करेगा। एमडीआई गुरुग्राम ने 50 एकड़ भूमि मांगी। यह संस्थान आईआईएम अहमदाबाद, इंदौर, कलकत्ता आदि से ऊपर है। लिंक यूनिवर्सिटी कॉलेज मलेशिया ने 100 एकड़ जमीन मांगी। इसके अलावा अमेरिकन लीडरशिप एकेडमी ने भी 100 एकड़ जमीन भांगी है। यह ग्रुप एक हजार करोड़ का निवेश करेगा। शारदा एजुकेशनल ट्रस्ट ने 10 इंटरनेशनल विश्वविद्यालय के कैंपस खोलने के लिए जमीन मांगी है।
एआई पार्क भी विकसित होगा
यमुना सिटी में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट, गेमिंग एंड कॉमिक के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी परीक्षण मिलेगा। मुख्यमंत्री एआई पार्क के लिए मंजूरी भी दे चुके हैं। यहां युवा को लाभ होगा। वर्तमान समय में इन गतिविधियों की मांग है, क्षेत्र में फिलहाल इस तरह की सुविधाएं नहीं है।
आरके सिंह, सीईओ, यीडा, ''शहर में इस वर्ष विश्वविद्यालय शुरू करने पर जोर है। जीबीएम विश्वविद्यालय का काम जल्द ही पूरा हो जाएगा। साथ ही देश-विदेश के बड़े विश्वविद्यालयों और संस्थानों को भूमि देने की भी तैयारी चल रही है।''
जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा आधुनिक बस अड्डा
वहीं, जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास आईएसबीटी की तर्ज पर आधुनिक बस अड्डा बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस संबंध में मांग की थी। उनका कहना है कि एयरपोर्ट को देश के विभिन्न राज्यों से बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा से जोड़ने के लिए यह बस अड्डा जरूरी है। विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पत्र के माध्यम से एयरपोर्ट के निकट आधुनिक अंतरराज्यीय बस अड्डे के महत्व को भी बताया। प्रस्ताव में यमुना प्राधिकरण से भूमि उपलब्ध कराने और परिवहन विभाग से आगे की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया गया है।
धीरेंद्र सिंह ने कहा कि बस अड्डा बनने से उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड समेत कई राज्यों से एयरपोर्ट तक सीधी और सुगम बस कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे यात्रियों के लिए सड़क मार्ग से एयरपोर्ट पहुंचना अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।


