काम की बात: गुरुग्राम के गढ़ी रेलवे फाटक 4 लेन का फ्लाईओवर बनेगा, द्वारका एक्सप्रेसवे पर आना-जाना आसान होगा
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की तरफ से दिल्ली-रेवाड़ी रेलवे लाइन पर गांव गढ़ी के समीप चार लेन का फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। इसके बनने के बाद करीब 10 हजार परिवारों को फायदा होगा। उनका द्वारका एक्सप्रेसवे पर आना-जाना आसान हो जाएगा। इसके लिए नए सिरे से डीपीआर तैयार करवाई जा रही है।

गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) की तरफ से दिल्ली-रेवाड़ी रेलवे लाइन पर गांव गढ़ी के समीप चार लेन का फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा। इसके बनने के बाद करीब 10 हजार परिवारों को फायदा होगा। उनका द्वारका एक्सप्रेसवे आना-जाना सुगम हो जाएगा। इसके लिए नए सिरे से डीपीआर तैयार करवाई जा रही है। लोगों की मांग पर जीएमडीए की तरफ से फ्लाईओवर निर्माण की योजना बनाई गई है।
जीएमडीए ने गांव गढ़ी में दो लेन का फ्लाईओवर की डीपीआर तैयार करने के लिए एक सलाहकार कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी थी। इस कंपनी की तरफ से करीब 55 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार करके जीएमडीए को सौंप दी। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा की तरफ से निर्देश दिए गए कि फ्लाईओवर को चार लेन का बनाया जाए। रेलवे विभाग से दो लेन के फ्लाईओवर के निर्माण की अनुमति आ गई थी।
रेलवे ने मंजूरी प्रदान कर दी है
जीएमडीए की तरफ से रेलवे को दोबारा पत्र लिखकर आग्रह किय कि इस रेलवे फाटक पर चार लेन का फ्लाईओवर निर्माण की योजना है। रेलवे ने मंजूरी प्रदान कर दी है। खास बात यह है कि इस फ्लाईओवर के निर्माण में आने वाली 50 प्रतिशत लागत को रेलवे विभाग की तरफ से वहन किया जाएगा। रेलवे लाइन के ऊपर फ्लाईओवर का हिस्सा रेलवे विभाग के इंजीनियरों की निगरानी में बनेगा। रेलवे विभाग से अनुमति मिलने के बाद सलाहकार कंपनी को नए सिरे से डीपीआर तैयार करने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
इन इलाकों के लोगों को सहूलियत होगी
मौजूदा समय में द्वारका एक्सप्रेसवे तक आवागमन के लिए सेक्टर-37सी और डी के अलावा गांव बसई के निवासियों को रेलवे फाटक पर रूकना पड़ता है। कभी कभार तो पांच से दस मिनट तक खड़े रहना पड़ता है। रेल के जाने के बाद फाटक खुलता है। इससे वाहन चालकों को परेशानियां होती हैं। लोगों की मांग पर जीएमडीए की तरफ से फ्लाईओवर निर्माण की योजना बनाई है।
आवागमन में राहत मिलेगी
इसके बनने से बीपीटीपी पार्क सरीन, बीपीटीपी ऐज, बीपीटीपी जनरेशन, बीपीटीपी टेरा, रामप्रस्था सिटी, सिग्नेचर मिलेनिया, द रेजिडेंसी, क्रोना ऑप्टस, तक्शिला हाइट्स, अपैक्स आवर होम्स, सिग्नेचर ग्लोबल सिटी के निवासियों को आवागमन में राहत मिलेगी।
नए सिरे से डीपीआर तैयार करवाई जाएगी
जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा ने बताया कि गढ़ी रेलवे फाटक पर पहले दो लेन के फ्लाईओवर के निर्माण की योजना थी। इसको लेकर 55 करोड़ रुपये की डीपीआर बनाई थी। अब इस फाटक पर चार लेन का फ्लाईओवर बनाया जाएगा। नए सिरे से डीपीआर तैयार करवाई जाएगी।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


