AAP के 4 विधायक दिल्ली विधानसभा से 3 दिन के लिए सस्पेंड, क्या है इसकी वजह

Jan 05, 2026 01:28 pm ISTPraveen Sharma हिन्दुस्तान, नई दिल्ली, संजय कुशवाहा
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दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (आप) के चार विधायकों को आज विधानसभा सत्र की कार्यवाही से अगले 3 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया। बता दें कि, दिल्ली विधानसभा का 4 दिवसीय शीतकालीन सत्र आज से शुरू हुआ है।

AAP के 4 विधायक दिल्ली विधानसभा से 3 दिन के लिए सस्पेंड, क्या है इसकी वजह

दिल्ली विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (आप) के चार विधायकों को आज विधानसभा सत्र की कार्यवाही से अगले 3 दिन के लिए सस्पेंड कर दिया। बता दें कि, दिल्ली विधानसभा का 4 दिवसीय शीतकालीन सत्र आज से शुरू हुआ है।

दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने सदन के सामने निंदा प्रस्ताव पेश कर उपराज्यपाल के अभिभाषण की अवमानना करने वाले ‘आप’ के चार विधायकों - संजीव झा, जरनैल सिंह, सोमदत्त, कुलदीप कुमार को सदन से 3 दिन के लिए निलंबित करने की मांग की थी। स्पीकर ने मंत्री की मांग को मानते हुए ‘आप’ के इन सभी विधायकों को सदन की कार्यवाही से तीन दिन 6,7 और 8 जनवरी के लिए निष्कासित कर दिया। विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार को 11 बजे से प्रारंभ होगी।

बता दें कि, इससे पहले संजीव झा, कुलदीप कुमार और जरनैल सिंह समेत आम आदमी पार्टी (आप) के कई विधायकों को उपराज्यपाल के संबोधन के दौरान बोलने की कोशिश करने पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मार्शल के जरिये सदन से बाहर करा दिया था।

तीन कैग रिपोर्ट पेश करेगी सरकार

गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा के इस चार दिवसीय शीतकालीन सत्र में प्रदूषण एवं सरकार द्वारा पेश की जाने वाली तीन कैग रिपोर्ट पर गरमागरम बहस होने की संभावना है। वायु प्रदूषण की समस्या के मूल कारणों पर चर्चा करने और पूर्व के उपायों का आकलन करने के अलावा, रेखा गुप्ता सरकार तीन कैग रिपोर्ट पेश करेगी। ये कैग रिपोर्ट अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री रहते पुनर्निर्मित बंगले पर, दिल्ली जल बोर्ड के कामकाज पर और आम आदमी पार्टी के शासनकाल के दौरान दिल्ली सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों पर होंगी।

'फांसी घर' का मुद्दा सदन में फिर से उठने की संभावना

पिछले साल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बंगले को "शीशमहल" नाम दिया था। 'फांसी घर' की प्रामाणिकता का मुद्दा सदन में फिर से उठने की संभावना है क्योंकि दिल्ली विधानसभा की कार्य मंत्रणा समिति इस पर एक प्रस्ताव पेश करेगी।

मॉनसून सत्र के दौरान, मुख्यमंत्री गुप्ता ने सदन को बताया था कि वह ढांचा, जिसका जीर्णोद्धार किया गया था और जिसका उद्घाटन 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा "फांसी घर" के रूप में किया गया था, वास्तव में अभिलेखों के अनुसार एक "टिफिन कक्ष" था।

विधानसभा परिसर का 1912 का नक्शा दिखाते हुए उन्होंने कहा था कि ऐसा कोई दस्तावेज या सबूत नहीं है, जिससे यह पता चले कि उस जगह का इस्तेमाल फांसी देने के लिए किया जाता था।

(भाषा के इनपुट के साथ)

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें