गुरुग्राम शहर की 363 KM सड़कें हुईं जर्जर, नगर निगम के GPS सर्वे में खुलासा

Jan 12, 2026 11:13 am ISTPraveen Sharma हिन्दुस्तान, गुरुग्राम
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गुरुग्राम नगर निगम (एमसीजी) द्वारा हाल ही में शहर के सेक्टरों और कॉलोनियों में कराए गए सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, निगम के दायरे में आने वाली कुल 2997 किलोमीटर लंबी आंतरिक सड़कों में से 363 किलोमीटर सड़कें बदहाल हो चुकी हैं।  

गुरुग्राम शहर की 363 KM सड़कें हुईं जर्जर, नगर निगम के GPS सर्वे में खुलासा

गुरुग्राम नगर निगम (एमसीजी) द्वारा हाल ही में शहर के सेक्टरों और कॉलोनियों में कराए गए सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, निगम के दायरे में आने वाली कुल 2997 किलोमीटर लंबी आंतरिक सड़कों में से 363 किलोमीटर सड़कें बदहाल हो चुकी हैं। इन सड़कों के कायाकल्प के लिए नगर निगम ने 150 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है।

निगम अधिकारियों का कहना है कि इन सड़कों की पैचवर्क से मरम्मत संभव नहीं है, इसलिए वित्त वर्ष 2026-27 में इनका नए सिरे से निर्माण करवाया जाएगा। सबसे ज्यादा जर्जर सड़कों को पहले चरण में शामिल किया गया है, ताकि मॉनसून से पहले मुख्य संपर्क मार्गों को दुरुस्त किया जा सके।

निगम द्वारा बदहाल सड़कों की जानकारी के लिए सड़कों का जीपीएस आधारित सर्वेक्षण करवाया गया था। इसको लेकर निगम ने निजी एजेंसी को यह काम सौंपा था। एजेंसी ने करीब एक से दो माह में निगम क्षेत्र में शामिल सड़कों का सर्वेक्षण करवाया गया था। निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहर की प्रत्येक सड़क का डेटा बेस तैयार कर लिया है। 363 किलोमीटर सड़कें चिन्हित की गई हैं, इनकी अवधि पूरी हो चुकी है।

सड़कों की स्थिति खराब

सर्वेक्षण की रिपोर्ट में उन क्षेत्रों के नाम भी सामने आए हैं, जहां लोग सबसे ज्यादा नारकीय स्थिति का सामना कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पुराना गुरुग्राम: सेक्टर-4, 5, 7, 9, 9ए और 10 के आंतरिक मार्ग, पालम विहार, लक्ष्मण विहार, सूरत नगर, भीम नगर और दयानंद कॉलोनी, सेक्टर-21, 22, 23 की अंदरूनी सड़कें और सेक्टर-45 से 46 को जोड़ने वाले मार्ग की स्थिति खराब है।

रात में हादसे हो रहे

बदहाल सड़कों का सीधा असर शहरवासियों के स्वास्थ्य और जेब पर पड़ रहा है। दुपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। रात में गड्ढों का पता न चलने के कारण आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। सेक्टर-9ए और लक्ष्मण विहार जैसे इलाकों में कई सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। टूटी सड़कों के कारण उड़ने वाली धूल ने अस्थमा और एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ा दी है।

विजय ढाका, चीफ इंजीनियर, नगर निगम, गुरुग्राम, ''निगम द्वारा कराए गए सर्वे में निगम क्षेत्र की 363 किलोमीटर सड़कें बदहाल मिली हैं। अगले एक साल में सभी सड़कों को दुरुस्त करवाया जाएगा।''

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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