
25 लोगों के नाम और कोडवर्ड का इस्तेमाल; सुरक्षा एजेंसियों को मिलीं डॉ. उमर-मुजम्मिल की 2 डायरियां
सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली विस्फोट मामले के आरोपियों डॉ. उमर और डॉ. मुजम्मिल की डायरियां बरामद की हैं। पुलिस द्वारा ये डायरियां मंगलवार और बुधवार को डॉ. उमर के कमरा नंबर 4 और मुजम्मिल के कमरा नंबर 13 से बरामद की गईं। सूत्रों ने बताया कि डायरी में करीब 25 लोगों के नाम लिखे हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली विस्फोट मामले के आरोपियों डॉ. उमर और डॉ. मुजम्मिल की डायरियां बरामद की हैं। पुलिस द्वारा ये डायरियां मंगलवार और बुधवार को डॉ. उमर के कमरा नंबर 4 और मुजम्मिल के कमरा नंबर 13 से बरामद की गईं। यह वही जगह है, जहां से पुलिस ने अलफलाह यूनिवर्सिटी से सिर्फ 300 मीटर की दूरी पर स्थित धौज में 360 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया था।
सूत्रों ने बताया कि इनमें 8 से 12 नवंबर की तारीखें लिखी हैं। इससे संकेत मिलता है कि इस दौरान ऐसी घटना की योजना बनाई जा रही थी। डायरी में करीब 25 लोगों के नाम लिखे हैं, जिनमें से अधिकतर जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद के रहने वाले हैं। डायरियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह कहा जा सकता है कि विस्फोट एक सुनियोजित साजिश के तहत किया जाना था।
कोड वर्ड की कड़ियां जोड़ रही सुरक्षा एजेंसियां
सूत्रों के अनुसार, डायरियों में कोड वर्ड लिखे थे, जांचकर्ता अब इनकी कड़ियां जोड़ रहे हैं। एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या धमाकों के लिए अलग-अलग गाड़ियाँ तैयार की जा रही थीं। सूत्रों के अनुसार, i20 और ईकोस्पोर्ट के बाद पता चला है कि संदिग्ध विस्फोट के लिए दो और गाड़ियां तैयार करने की योजना बना रहे थे ताकि बड़े हमले को अंजाम दिया जा सके।
एक साथ 4 जगह धमाकों का बना रहे थे प्लान
जांच एजेंसियों ने गुरुवार को बताया कि करीब 8 संदिग्ध कथित तौर पर 4 जगहों पर एक साथ धमाकों को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। प्रत्येक जोड़ी को एक खास टारगेट शहर में तैनात किया गया था।
शुरुआती जांच से पता चलता है कि आरोपी ग्रुप जोड़े में जाने की योजना बना रहे थे और हर ग्रुप एक साथ कई इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) लेकर हमला करने वाला था। जांच के दायरे में आने वालों में लाल किला विस्फोट के आरोपी डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील, डॉ. उमर और शाहीन समेत पिछले आतंकी मामलों से जुड़े लोग भी शामिल हैं।
संदिग्ध आतंकियों ने 20 लाख रुपये जुटाए थे
सूत्रों के अनुसार, पुलिस देश के कई शहरों में सिलसिलेवार धमाकों की योजना से जुड़ी एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करने में सफल रही। सूत्रों ने खुलासा किया कि आरोपियों ने मिलकर लगभग 20 लाख रुपये नकद जुटाए थे, जो संचालन संबंधी खर्चों के लिए उमर को सौंपे गए थे। जांचकर्ताओं ने यह भी खुलासा किया है कि उमर ने सभी आतंकी गतिविधियों को सुरक्षित रूप से अंजाम देने के लिए दो से चार सदस्यों वाला एक सिग्नल ऐप ग्रुप बनाया था।
जांच एजेंसियां व्यापक नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं, उन्हें संदेह है कि आरोपियों ने निकट भविष्य में हमले को अंजाम देने की योजना बनाई थी।
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने लाल किले के पास i20 कार विस्फोट में मुख्य संदिग्ध डॉ. उमर उन नबी के मारे जाने की भी पुष्टि की है। डीएनए टेस्ट में उसके जैविक नमूने का उसकी माँ के नमूने से मिलान हुआ था। राजधानी में लाल किला परिसर के पास 10 नवंबर को हुए विस्फोट में 12 लोग मारे गए थे।





