कैश और गहनों का ढेर; दिल्ली से UP-MP तक हुई बड़ी रेड में 200 करोड़ वाला खुलासा
आयकर सूत्रों के अनुसार नोएडा-ग्रेटर नोएडा, दिल्ली की प्रॉपर्टी में करीब 200 करोड़ रुपये अघोषित राशि के निवेश की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग परिसर से करीब आठ करोड़ रुपये मिले हैं। इसके अलावा जेवरात भी सीज किए गए।

नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, मध्यप्रदेश, लखनऊ, कानपुर,बांदा समेत देशभर के 35 बिल्डर और खनन कारोबारी के ठिकानों पर आयकर विभाग की जांच शुक्रवार को पूरी हो गई। आयकर सूत्रों के अनुसार नोएडा-ग्रेटर नोएडा, दिल्ली की प्रॉपर्टी में करीब 200 करोड़ रुपये अघोषित राशि के निवेश की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग परिसर से करीब आठ करोड़ रुपये मिले हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में जेवरात भी सीज किए गए।
आयकर विभाग की टीमों ने बुधवार सुबह करीब छह बजे एक परिसरों पर साथ छापा मारा था। इसमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सात और दिल्ली में दो परिसर शामिल थे। करोड़ों रुपये का कालाधन बिल्डर परियोजना, प्रॉपर्टी और अन्य निवेश में खपाने के आरोप को लेकर यह कार्रवाई की गई। आयकर सूत्रों के अनुसार परिसरों में जांच पूरी हो गई है। अब जब्त दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
सूत्रों का दावा है कि अब तक की जांच में प्रॉपर्टी में राजनीतिज्ञ, नौकरशाहों और खनन कारोबारियों का करीब 200 करोड़ अघोषित राशि के प्रॉपर्टी में निवेश की जानकारी मिली है। वहीं बांदा, लखनऊ और अन्य परिसरों से कुल करीब आठ करोड़ रुपये नगद जब्त किया गया। इसके अलावा जेवरात भी जब्त किए गए हैं।अलग-अलग बैंकों में करीब दस लॉकर सीज किए गए हैं। इनके खुलने पर कई और अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। इसमें कुछ लॉकर लोगों ने अपने पत्नी और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर खोले हुए थे।
इनके ठिकानों पर हुई छापेमारी
जांच में ग्रेटर नोएडा स्थित गोल्डन आई के निदेशक आनंद शुक्ला के नोएडा स्थित लोटस 300 सोसायटी के आवास, ग्रेटर नोएडा स्थित गोल्डन ग्रांडे व्यावसायिक प्रोजेक्ट और उनके कारोबार से संबंधित कुल सात ठिकानों पर कार्रवाई की गई। आयकर सूत्रों का दावा है कि बिल्डर प्रोजेक्ट और अन्य प्रॉपर्टी में खनन व अन्य कारोबारियों ने रुपये निवेश किए हैं। इनके सहयोगियों में खनन कारोबारी सीरजध्वज सिंह, जिनकी बांदा स्थित कंपनी और अन्य ठिकानों व एविएशन, खनन और रियल एस्टेट कारोबारी अज्ञात गुप्ता के दिल्ली, लखनऊ और मध्य प्रदेश स्थित ठिकानों पर जांच की गई।
प्रॉपर्टी में निवेश सुरक्षित
आयकर सूत्रों के अनुसार जांच पता लगा है कि कारोबारियों ने अन्य शहरों में प्रॉपर्टी में अघोषित रकम लगाई है। इसकी अहम वजह कारोबारी जिस शहर में कारोबार करता है, उसके बाद प्रॉपर्टी में निवेश करना वह सुरक्षित मानता है। कारोबारियों की सोच है कि जांच टीमों को इसके बारे में पता नहीं लगेगा।
आयकर विभाग अभियान भी चला रहा
आयकर विभाग द्वारा शुरू किया गया सक्षम नज अभियान रेस्टोरेंट्स और खाद्य क्षेत्र में स्वैच्छिक कर अनुपालन बढ़ाने की एक पहल है। यह अभियान गलत टैक्स रिपोर्टिंग और 408 करोड़ रुपये की छिपाई गई बिक्री का पता चलने के बाद शुरू किया गया है, जिसके तहत 63,000 रेस्टोरेंट्स को 31 मार्च 2026 तक अपने रिटर्न अपडेट करने को कहा गया है।
पहले मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंट का हुआ सर्वे
आयकर विभाग ने इससे पहले नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर समेत देश के अन्य शहरों में प्रमुख मिठाई दुकानों पर सर्वे कर बड़े पैमाने पर कर चोरी पकड़ी थी। 62 से अधिक रेस्टोरेंट्स और दुकानों में की गई जांच में 408 करोड़ से अधिक की बिक्री छिपाने का पता चला। यह कार्रवाई पेट-पूजा जैसे इलेक्ट्रॉनिक बिलिंग ऐप के माध्यम से की गई थी। इसमें नोएडा की दुकानों में 12 करोड़ रुपये कमाई छिपाने की जानकारी सामने आई थी।
लेखक के बारे में
Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)
सुधीर झा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार और संपादकीय नेतृत्वकर्ता हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में LiveHindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित 8 राज्यों की कवरेज संभालने वाली स्टेट टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वे राजनीति, अपराध और प्रशासन से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज से लेकर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तक, तथ्य-आधारित और संतुलित पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
15 सालों का अनुभव
सुधीर झा ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। दैनिक आज समाज और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की ग्राउंड रिपोर्टिंग के बाद उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल, न्यूजट्रैक और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क के अनुभव ने उनकी विश्लेषणात्मक समझ को और व्यापक बनाया। डिजिटल पत्रकारिता में उन्हें होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता प्राप्त है।
विश्वसनीय खबरों का लेखन
सुधीर झा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (जैसे लोकसभा चुनाव और केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता रखते हैं। उनकी संपादकीय शैली में स्पीड और वेरिफिकेशन का संतुलन प्रमुख है। वे जमीनी स्रोतों, स्ट्रिंगर्स और रिपोर्टर्स के साथ समन्वय कर एक्सक्लूसिव और इम्पैक्टफुल स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वे प्रत्येक खबर में मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, सभी पक्षों की प्रतिक्रिया और विशेषज्ञों की राय शामिल करने पर जोर देते हैं। सुधीर झा न्यूज राइटिंग में विश्वसनीयता और निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखते हैं। उनकी संपादकीय प्राथमिकता सार्वजनिक हित, निष्पक्षता और तथ्यपरकता है। सुधीर झा का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है।
शिक्षा और सम्मान
सुधीर झा ने कंप्यूटर साइंस में स्नातक किया है और दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘Digi Journo of the Year 2024–25’ और ‘Digital Content Award 2023–24’ से सम्मानित किया जा चुका है। इससे पहले उन्हें 'हम से सीखो' विशेष कैंपेन के लिए भी सम्मानित किया गया है।
विशेषज्ञता
राजनीति, अपराध और प्रशासनिक मामलों की गहन व तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग
ब्रेकिंग न्यूज मैनेजमेंट और मल्टी-स्टेट हाइपरलोकल कवरेज लीडरशिप
डिजिटल होमपेज ऑप्टिमाइजेशन और रियल-टाइम कंटेंट स्ट्रेटेजी
लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट) और विश्लेषणात्मक लेखन
मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, संपादकीय गुणवत्ता नियंत्रण और टीम मेंटरशिप


