
1984 सिख दंगे: दोषी बलवान खोखर की फरलो अर्जी, HC का दिल्ली सरकार को नोटिस
1984 सिख विरोधी दंगों में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व कांग्रेस पार्षद बलवान खोखर ने 21 दिनों की फरलो मांगी है, जिस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर 17 नवंबर तक जवाब मांगा है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व कांग्रेस पार्षद बलवान खोखर की याचिका पर दिल्ली सरकार को नोटिस थमा दिया है। खोखर ने 21 दिनों की फरलो (अस्थायी रिहाई) मांगी है, ताकि परिवार से मिल सकें और सामाजिक रिश्ते निभा सकें। कोर्ट ने मामले को 17 नवंबर को अगली सुनवाई के लिए टाल दिया है। अब देखना ये है कि तिहाड़ की सलाखों के पीछे से बाहर निकलने का ये नया दांव काम आता है या नहीं।

सरकार ने ठुकराई अर्जी, खोखर ने ठोका हाईकोर्ट का दरवाजा
दिल्ली कैंट क्षेत्र में 1-2 नवंबर 1984 को पांच सिखों की हत्या और गुरुद्वारे में आगजनी के मामले में दोषी ठहराए गए खोखर की फरलो याचिका पहले दिल्ली सरकार ने खारिज कर दी थी। लेकिन खोखर ने हार नहीं मानी और हाईकोर्ट में चुनौती दे डाली। उनका तर्क है पहले भी कई बार फरलो मिली, कोई गड़बड़ नहीं हुई। वहीं कोर्ट ने अब अधिकारियों से जवाब तलब कर लिया है।
41 साल बाद भी न्याय की जंग, क्या मिलेगी राहत?
इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के उन काले दिनों की याद अब भी ताजा है। खोखर को 2013 में ट्रायल कोर्ट ने उम्रकैद सुनाई, जिसे 2018 में हाईकोर्ट ने बरकरार रखा। सज्जन कुमार जैसे बड़े नाम भी इसी केस में फंसे। अब 66 साल की उम्र में बीमारियां और परिवार की याद सता रही हैं। हाईकोर्ट का ये कदम क्या खोखर को थोड़ी राहत देगा, या दंगों के पीड़ितों के लिए न्याय की लड़ाई और लंबी हो जाएगी? ये तो अगली सुनवाई को ही पता चलेगा।





