500 गज तक के घरों को हर महीने 10 हजार लीटर फ्री पानी, गुरुग्राम के 3 लाख घरों को मिलेगा लाभ

Mar 04, 2026 06:41 am ISTPraveen Sharma हिन्दुस्तान, गुरुग्राम
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हरियाणा सरकार ने शहरी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए 500 गज तक के रिहायशी मकानों को हर महीने 10 हजार लीटर (10 किलोलीटर) पेयजल मुफ्त देने की घोषणा की है। अब तक लोगों से एक रुपये प्रति किलोलीटर के हिसाब से पानी का बिल वसूला जाता था।

500 गज तक के घरों को हर महीने 10 हजार लीटर फ्री पानी, गुरुग्राम के 3 लाख घरों को मिलेगा लाभ

हरियाणा सरकार ने शहरी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए 500 गज तक के रिहायशी मकानों को हर महीने 10 हजार लीटर (10 किलोलीटर) पेयजल मुफ्त देने की घोषणा की है। अब तक लोगों से एक रुपये प्रति किलोलीटर के हिसाब से पानी का बिल वसूला जाता था।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को विधानसभा में इस बार का बजट पेश करते हुए यह घोषणा की, जिसे नए वित्त वर्ष से शहरी स्थानीय निकाय विभाग लागू करेगा। इस योजना का लाभ गुरुग्राम में 3 लाख से अधिक मकान मालिकों को मिलने की उम्मीद है। हालांकि योजना का फायदा लेने के लिए घरों में पानी का मीटर लगवाना अनिवार्य होगा। बिना मीटर के मुफ्त पानी की सुविधा नहीं मिलेगी।

पानी की बर्बादी को रोकना मसकद

गुरुग्राम नगर निगम में 92 हजार मकान मालिकों ने ही अपने घरों में पानी के मीटर लगवाए हुए हैं। पानी की बर्बादी को रोकने के लिए सरकार ने घरों में मीटर लगवाने के लिए इस योजना की घोषणा की है। नगर निगम अधिकारियों का मानना है कि मुफ्त पानी की योजना के साथ अनिवार्य पानी के मीटर लागू होने से अवैध कनेक्शनों पर रोक लगेगी।

निगम क्षेत्र में डेढ़ लाख से अधिक अवैध कनेक्शन

गुरुग्राम में पेयजल व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। नगर निगम के ताजा सर्वे के अनुसार शहर में डेढ़ लाख से अधिक अवैध पेयजल कनेक्शन चल रहे हैं, जो निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। इन कनेक्शनों के जरिये बड़े पैमाने पर पानी की चोरी हो रही है, जिसका सीधा असर निगम की आर्थिक स्थिति और शहर के सीमित जल संसाधनों पर पड़ रहा है। निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर में कुल 1,91,143 वैध पेयजल कनेक्शन हैं, लेकिन इनमें से अधिकतर बिना मीटर के संचालित हो रहे हैं। मीटरिंग न होने के कारण वास्तविक खपत का सही आकलन नहीं हो पा रहा और न ही बिलों की पूरी वसूली हो रही है।

उपभोक्ताओं पर अब भी 120 करोड़ का बकाया

स्थिति यह है कि नगर निगम हर साल लगभग 140 करोड़ रुपये का पानी का बिल जारी करता है, लेकिन रिकवरी महज 50 करोड़ रुपये के आसपास सिमट जाती है। डिफाल्टर उपभोक्ताओं पर 120 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया दर्ज है। वहीं निगम क्षेत्र में 7,09,102 प्रॉपर्टी आईडी दर्ज हैं। जब इनका मिलान जल कनेक्शनों से किया गया तो पाया गया कि करीब डेढ़ लाख संपत्तियां ऐसी हैं, जहां पानी का उपयोग तो हो रहा है, लेकिन निगम को कोई राजस्व नहीं मिल रहा।

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें