फरीदाबाद में 10 सालों में बसाई गईं 1000 अवैध कॉलोनियां, जांच में हुआ खुलासा

Mar 09, 2026 11:15 am ISTPraveen Sharma हिन्दुस्तान, फरीदाबाद
share

फरीदाबाद और पलवल जिले में पिछले करीब दस वर्षों के दौरान एक हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां काटे जाने का मामला सामने आया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच में यह जानकारी सामने आई है।

फरीदाबाद में 10 सालों में बसाई गईं 1000 अवैध कॉलोनियां, जांच में हुआ खुलासा

फरीदाबाद और पलवल जिले में पिछले करीब दस वर्षों के दौरान एक हजार से अधिक अवैध कॉलोनियां काटे जाने का मामला सामने आया है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच में यह जानकारी सामने आई है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर ब्यूरो की टीम अब पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है। ब्यूरो की टीम संबंधित विभागों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। सूत्रों के अनुसार ब्यूरो की टीम फरीदाबाद और पलवल में विकसित हुई इन अवैध कॉलोनियों के पीछे की परिस्थितियों और जिम्मेदार विभागों द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी जुटा रही है।

सात बिंदुओं पर की जा रही जांच

जांच सात बिंदुओं काे आधार बनाकर की जा रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि इतनी बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां किस प्रकार विकसित हो गईं और संबंधित विभागों ने समय रहते इन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए। इसके साथ ही टीम यह भी जांच कर रही है कि इन अवैध कॉलोनियों के कारण सरकार को राजस्व के रूप में कितना नुकसान हुआ है। अवैध रूप से काटी गई कॉलोनियों में प्लॉट बेचकर लाखों रुपये का लेन-देन किया गया, लेकिन अधिकांश मामलों में सरकार को विकास शुल्क, लाइसेंस शुल्क और अन्य करों का लाभ नहीं मिल सका।

रोक लगने के बाद भी काटी गईं बड़े पैमाने पर कॉलोनियां

प्रदेश सरकार द्वारा अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के बावजूद फरीदाबाद और पलवल में बड़े पैमाने पर कॉलोनियां काटी गईं। जांच में यह भी सामने आया है कि बाद में इनमें से काफी कॉलोनियों में आबादी बसने के कारण मंजूरी भी दे दी गई। जिससे इस मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ब्यूरो की टीम अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन कॉलोनियों के विकास के दौरान स्थानीय प्रशासन, नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की क्या भूमिका रही। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो कार्रवाई भी होसकती है।

बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ रहा

शहर में लगातार बढ़ रही अवैध कॉलोनियों के कारण बुनियादी ढांचे पर भी दबाव बढ़ रहा है। कई कॉलोनियों में सड़क, सीवर, पेयजल और बिजली जैसी सुविधाओं का अभाव है, जिससे वहां रहने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम मामले से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच कर रही है, लेकिन ब्यूरो को राजस्व विभाग से रिकॉर्ड नहीं मिल पा रहा है।

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , Delhi News , Ghaziabad News , Noida News , Gurgaon News और Faridabad News सहित पूरी NCR News पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।