NDA में ही रहेंगे यूसुफ पठान; NCPI ने तनाव की अटकलों पर दिया बयान
TMC यानी तृणमूल कांग्रेस के 20 लोकसभा सांसदों ने हाल ही में नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल होने का फैसला किया था। अब अटकलें लगाई जानें लगीं कि पार्टी में आंतरिक कलह जारी है। हालांकि, अब NCPI ने बयान जारी कर दिया है।

तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों को लेन वाली NCPI यानी नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया ने साफ कर दिया है कि दल में कोई तनाव नहीं है। शुक्रवार को जारी एक पत्र में एनसीपीआई ने बताया कि आंतरिक कलह की खबरें झूठी हैं और पारटी के सभी सदस्य एकजुट हैं। खास बात है कि हाल ही में हुई एनडीए की मंगल मिलन बैठक में तीन सांसद नहीं पहुंचे थे, जिसके बाद तनाव की अटकलें लगाई जाने लगी थीं।
NCPI ने तनाव की खबरों को लेकर लिखा, 'ये रिपोर्ट्स पूरी तरह झूठी, गुमराह करने वाली और निराधार हैं। NCPI मजबूती के साथ इनका खंडन करती है और निंदा करती है।' आगे लिखा, 'NCPI के सभी सांसद पश्चिम बंगाल के विकास, उसके लोगों के कल्याण और राष्ट्रीय हित के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।'
क्या थी अटकलें
दरअसल, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार को संसद में रहते हुए भी तीन सांसद एनडीए की बैठक में नहीं पहुंचे थे। इनमें अबु ताहिर, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान शामिल हैं। हालांकि, इन नेताओं ने गैर मौजूदगी को लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है। साथ ही यह भी कहा जा रहा था की टीएमसी से अलग होकर एनसीपीआई में जाने वाले कई सांसद एनडीए की बैठक में नहीं पहुंचे थे।
ये नेता पहुंचे
बैठक में ये एनसीपीआई में गए सांसद लोकसभा में तृणमूल सांसदों से अलग बैठ रहे हैं, लेकिन सदन के अध्यक्ष ओम बिरला ने एनसीपीआई को मान्यता देने पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया है।
क्या बोलीं सायोनी घोष
एनसीपीआई की सांसद सायोनी घोष ने कहा, 'मैंने एनडीए की बैठक में भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में यह एक अत्यंत ज्ञानवर्धक बैठक थी। आज हमने मुक्त व्यापार समझौतों पर चर्चा की। यह काफी सकारात्मक चर्चा रही।' उन्होंने लोकसभा में आज चर्चा के लिए पेश किए जाने वाले 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक 2026' का संदर्भ देते हुए कहा कि प्रश्नपत्र लीक रोधी इस विधेयक का सभी को समर्थन करना चाहिए।
एक अन्य सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने बताया कि यह पहला मौका था जब एनसीपीआई के 20 सांसदों को राजग की 'मंगल मिलन' बैठक में आमंत्रित किया गया। उन्होंने कहा, 'हमें देश की प्रगति, मुक्त व्यापार समझौतों और किसानों के बारे में जानकारी दी गई... जो आंकड़े हमें प्राप्त हुए हैं, उनसे हम जनता को भी इन विषयों के बारे में बेहतर तरीके से समझा सकेंगे।'
अभिनेत्री से नेता बनीं शताब्दी रॉय ने कहा कि बैठक में सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा, 'हमने पहले ऐसी चीजें नहीं देखी थी। यह सब व्यवस्थित था। उन्होंने हमें बताया कि कौन से विधेयक आने वाले हैं। प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं कहा।'
यह बैठक नीट प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा में अन्य गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के कुछ दिनों बाद हुई, जिसके कारण धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।


