हिंदुओं को इतने साल वोट दिया, अब यूसुफ पठान को दो; कांग्रेस नेता ने बताया ममता बनर्जी का बयान
सिर्फ सांसद ही नहीं ममता बनर्जी की पार्टी पश्चिम बंगाल में भी टूट का सामना कर रही है। चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद सबसे पहले बड़ी संख्या में पार्षदों ने इस्तीफा देना शुरू किया था। वहीं, बाद में 80 में से 60 विधायक बागी हो गए।

लोकसभा सांसद यूसुफ पठान को चुनाव में उतारने को लेकर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने एक बार फिर TMC पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाए हैं कि करोड़ों रुपये खर्च कर पठान को सिर्फ उन्हें हराने के लिए उतारा गया था। साथ ही कहा कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने मुस्लिम समुदाय से मुसलमान उम्मीदवार को ही वोट देने की अपील की थी। चौधरी का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब अटकलें हैं कि पठान टीएमसी के बागी गुट में शामिल होकर केंद्र सरकार को समर्थन दे सकते हैं।
'मुझे हराने पठान को उतारा'
टीएमसी ने पठान को बहरामपुर सीट से लोकसभा चुनाव 2024 का टिकट दिया था। चौधरी ने एएनआई को बताया, 'मुझे हराने और ध्रुवीकरण की राजनीति करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करके उन्हें मैदान में उतारा गया है। ममता बनर्जी ने खुद वहां जाकर उन्हें उम्मीदवार बनाया और प्रचार शुरू कर दिया। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस बार एक मुस्लिम उम्मीदवार को वोट दें... उन्होंने कहा कि आप लोगों ने इतने सालों तक हिंदुओं को वोट दिया है, तो इस बार उन्हें वोट दें।'
बागी गुट में हो सकते हैं शामिल
खास बात है कि दिल्ली में टीएमसी के संसदीय दल में भी बगावत हो गई है। खबरें हैं कि करीब 20 सांसदों ने अलग गुट बनाकर केंद्र में सत्तारूढ़ गठबंधन NDA को समर्थन देने का प्रस्ताव दिया है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। अब इस गुट की अगुवाई कर रहीं वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने एक इंटरव्यू में कहा है कि पठान भी इस गुट में शामिल हैं।
ममता बनर्जी को किया मना?
हाल ही में खबरें आई थीं कि ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए पठान से इस्तीफा देने को कहा था, जिसे पूर्व क्रिकेटर ने मना कर दिया था। खुद लोकसभा सांसद ने बाद में कहा था कि बनर्जी या पार्टी के किसी भी नेता ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा है। उन्होंने कहा था कि इस तरह के दावे पूरी तरह से झूठे हैं।
वहीं, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भी इनकार किया था कि उन्हें किसी ने भी पठान को मनाने के लिए नहीं कहा था। दरअसल, दावे किए जा रहे थे कि बनर्जी ने गांगुली से संदेश पहुंचाने का अनुरोध किया था।
विधायक भी टूटे
सिर्फ सांसद ही नहीं ममता बनर्जी की पार्टी पश्चिम बंगाल में भी टूट का सामना कर रही है। चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद सबसे पहले बड़ी संख्या में पार्षदों ने इस्तीफा देना शुरू किया था। वहीं, बाद में 80 में से 60 विधायक बागी हो गए थे और अलग गुट की पहचान की मांग लेकर विधानसभा पहुंचे थे। अटकलें ये भी हैं कि बगावत करने वाला समूह जल्द ही भारत निर्वाचन आयोग से भी मुलाकात कर सकता है।
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Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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