'आपने ही क्लीयरेंस दिया, अब गोली चला रहे हैं'; होर्मुज में फंसे भारतीय टैंकर से आया ऑडियो
आपको बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का 20% कच्चा तेल गुजरता है, इस समय वैश्विक तनाव का केंद्र बना हुआ है। 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद से यहां स्थिति विस्फोटक है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Homrmuz) में भारतीय तेल टैंकरों पर ईरानी नौसेना द्वारा की गई फायरिंग की घटना ने अब एक नया और विवादित मोड़ ले लिया है। इस हमले का शिकार हुए टैंकर 'सनमार हेराल्ड' से एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है, जिसमें जहाज के एक अधिकारी ईरानी नौसेना की वादाखिलाफी पर सवाल उठाते सुनाई दे रहं हैं। यह घटना तेहरान के उन दावों के ठीक उलट है, जिसमें उसने कहा था कि युद्ध में शामिल न होने वाले देशों के जहाजों को निशाना नहीं बनाया जाएगा।
वायरल हुए इस ऑडियो में भारतीय टैंकर के नाविक को ईरानी नौसेना से यह कहते सुना जा सकता है, "आपने ही मुझे आगे बढ़ने का क्लीयरेंस (अनुमति) दिया था। आपकी सूची में मेरा नाम दूसरे नंबर पर है। लेकिन अब आप फायरिंग कर रहे हैं। मुझे वापस मुड़ने दीजिए।"
हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान स्वतंत्र रूप से इस ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
दो जहाजों पर हमला
आपको बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर रहे दो भारतीय जहाजों को ईरानी सेना ने निशाना बनाया। उनमें जग अर्नव भी शामिल है। यह भारतीय ध्वज वाला एक बल्क कैरियर है, जो सऊदी अरब के अल जुबैल से भारत की ओर आ रहा था। सनमार हेराल्ड टैंकर इराक से कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा था। दोनों जहाजों पर उस समय हमला किया गया जब वे होर्मुज से गुजर रहे थे।
भारत का कड़ा रुख, ईरानी राजदूत तलब
इस घटना के बाद भारत ने कड़ा कूटनीतिक विरोध दर्ज कराया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार शाम 6:30 बजे ईरानी राजदूत डॉ. मोहम्मद फथाली को तलब किया। बैठक के दौरान विदेश सचिव ने जहाजों पर हुई फायरिंग को एक गंभीर घटना करार दिया और नाविकों की सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई। भारत ने स्पष्ट किया कि ईरान को जल्द से जल्द भारत आने वाले जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करना चाहिए।
आपको बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का 20% कच्चा तेल गुजरता है, इस समय वैश्विक तनाव का केंद्र बना हुआ है। 28 फरवरी को ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद से यहां स्थिति विस्फोटक है।
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालबाफ ने टीवी पर दिए एक संबोधन में साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी नहीं हटाता, यह जलमार्ग नहीं खुलेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अभी भी कई बुनियादी बिंदुओं पर मतभेद बरकरार है और शांति समझौता अभी दूर है।
मौजूदा दो सप्ताह का युद्धविराम आगामी बुधवार को समाप्त होने वाला है। यदि इस अवधि को बढ़ाया नहीं गया या कोई ठोस शांति समझौता नहीं हुआ, तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और अधिक बढ़ सकता है। भारत के लिए यह स्थिति न केवल कूटनीतिक चुनौती है, बल्कि उसकी ऊर्जा सुरक्षा और हजारों नाविकों की जान का सवाल भी है।
लेखक के बारे में
Himanshu Jhaबिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।
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