Hindi NewsIndia NewsYe Aapka beta hai? We thought he will get some gold medal but he is filing PILs now CJI Suryakant to BJP Leader
ये आपका बेटा है? हमें लगा गोल्ड मेडल जीतेगा, लेकिन ये तो PIL में लग गया; CJI ने BJP नेता की ली चुटकी

ये आपका बेटा है? हमें लगा गोल्ड मेडल जीतेगा, लेकिन ये तो PIL में लग गया; CJI ने BJP नेता की ली चुटकी

संक्षेप:

सुनवाई के दौरान, बेंच ने औपचारिक रूप से नोटिस जारी करने से पहले याचिकाकर्ता के कम उम्र में PIL दायर करने और उसकी पैरवी उसके ही पिता द्वारा करने पर चुटकी ली और हल्के-फुल्के कमेंट्स किए।

Jan 12, 2026 03:06 pm ISTPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ आज (सोमवार, 12 जनवरी को) एक ऐसी जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई कर ही थी, जिसे एक लॉ स्टूडेन्ट ने फाइल की थी और उस मामले की पैरवी उसके ही वकील पिता कर रहे थे। इस याचिका में केंद्र सरकार को ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज़ (आपत्तिजनक विज्ञापन) एक्ट, 1954 के प्रावधानों की समीक्षा और अपडेट करने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में तर्क दिया गया है कि यह कानून अब मौजूदा वैज्ञानिक ज्ञान या मेडिकल प्रैक्टिस को नहीं दिखाता है। इसके अलावा आयुष डॉक्टरों को एलोपैथिक डॉक्टरों के बराबर कानून के तहत 'रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर' घोषित करने का निर्देश देने की मांग की गई है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

शीर्ष अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए केंद्रीय कानून, स्वास्थ्य और आयुष मंत्रालयों से इस जनहित याचिका पर जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान, बेंच ने औपचारिक रूप से नोटिस जारी करने से पहले याचिकाकर्ता के कम उम्र में PIL दायर करने और उसकी पैरवी उसके ही पिता द्वारा करने पर चुटकी ली और हल्के-फुल्के कमेंट्स किए।

ये भी पढ़ें:क्यों भूख हड़ताल पर बैठा बार एसोसिएशन, CJI के कार्यक्रम का करेगा बहिष्कार

याचिका नितिन उपाध्याय ने दर्ज कराई है

दरअसल, ये याचिका नितिन उपाध्याय नाम के लॉ स्टूडेंट ने दायर की है, जो भाजपा नेता और वरिष्ठ वकील अश्विनी उपाध्याय के बेटे हैं। याचिका पर सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने पैरवी कर रहे वकील अश्विनी उपाध्याय से पूछा, "क्या यह आपका बेटा है?' इस पर अश्विनी उपाध्याय ने कहा, "जी हाँ।" तभी CJI ने चुटकी ली और कहा, "हमने सोचा था कि उसे कुछ गोल्ड मेडल वगैरह मिलेंगे, लेकिन अब तो ये PIL फाइल करने लगा है।" उन्होंने नितिन से भी पूछा, "अब तुम पढ़ाई क्यों नहीं करते?" इसी बीच, पीठ के दूसरे जज जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा, "नोटिस जारी कर रहे हैं। सिर्फ़ आपके बेटे के लिए। ताकि वह अच्छे से पढ़ाई कर सके।"

एक्सपर्ट कमेटी के गठन की भी मांग

बता दें कि इस जनहित याचिका में 1954 के एक्ट के शेड्यूल की समीक्षा और उसे आज के वैज्ञानिक विकास के अनुसार अपडेट करने के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी के गठन की भी मांग की गई है। इसमें तर्क दिया गया है कि हालांकि यह एक्ट जनता को गुमराह करने वाले विज्ञापनों से बचाने के लिए बनाया गया था, लेकिन धारा 3(d) कुछ बीमारियों से संबंधित विज्ञापनों पर पूरी तरह से बैन लगाती है, बिना गुमराह करने वाले दावों और सच्ची, सबूत-आधारित जानकारी के बीच अंतर किए।

ये भी पढ़ें:हम सुपर एक्सपर्ट नहीं लेकिन आप फेल रहे... दिल्ली पलूशन पर किस पर भड़के CJI

एक्ट की व्यापक समीक्षा की मांग

याचिका में कहा गया है कि चूंकि आयुष और अन्य गैर-एलोपैथिक प्रैक्टिशनर एक्ट की धारा 14 में दिए गए छूट के तहत नहीं आते हैं, इसलिए उन्हें गंभीर बीमारियों के लिए वैध दवाओं का विज्ञापन करने से प्रभावी रूप से रोक दिया गया है, जिससे जनता में अज्ञानता फैल रही है। याचिका में दावा किया गया है कि पुराना कानून बीमारियों के निदान, रोकथाम और उपचार से संबंधित जानकारी के अधिकार को असमान रूप से प्रतिबंधित करता है। इसलिए, आधुनिक चिकित्सा ज्ञान के आलोक में एक्ट की व्यापक समीक्षा की मांग की गई है।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen
भूगोल में पीएचडी और पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर उपाधि धारक। ईटीवी से बतौर प्रशिक्षु पत्रकार पत्रकारिता करियर की शुरुआत। कई हिंदी न्यूज़ चैनलों (इंडिया न्यूज, फोकस टीवी, साधना न्यूज) की लॉन्चिंग टीम का सदस्य और बतौर प्रोड्यूसर, सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में काम करने के बाद डिजिटल पत्रकारिता में एक दशक से लंबे समय का कार्यानुभव। जनसत्ता, एनडीटीवी के बाद संप्रति हिन्दुस्तान लाइव में कार्यरत। समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक जगत के अंदर की खबरों पर चिंतन-मंथन और लेखन समेत कुल डेढ़ दशक की पत्रकारिता में बहुआयामी भूमिका। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और संपादन। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।