
सी-ग्रेड सिनेमा... पाकिस्तान से रिश्तों पर SIT रिपोर्ट से असम में सियासी भूचाल; हिमंता पर भड़के गोगोई
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई, उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच 'गहरे संबंध' हैं तथा खुफिया ब्यूरोसे मिली सूचना गुप्त रूप से पड़ोसी देश को दी गई थी।
असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने रविवार को राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के उनके पाकिस्तानी कनेक्शन संबंधी आरोपों को 'बेहद बेतुका और झूठा' बता कर खारिज कर दिया । इसके साथ ही गोगोई ने शर्मा की प्रेस कांफ्रेंस को 'सी-ग्रेड सिनेमा से भी बदतर' और 'सुपर फ्लॉप' करार दिया। शर्मा ने इसी प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता के खिलाफ यह आरोप लगाये थे ।
गोगोई ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि मुझे दिल्ली और असम के उन पत्रकारों पर तरस आता है जिन्हें सदी की सबसे फ्लॉप प्रेस कॉन्फ्रेंस झेलनी पड़ी। यह 'सी-ग्रेड सिनेमा' से भी बदतर थी। तथाकथित चतुर मुख्यमंत्री द्वारा पेश किए गए ये आरोप पूरी तरह से बेतुके और झूठे हैं। उन्होंने दावा किया कि यह सुपर फ्लॉप हमारी परिवर्तन यात्रा के बिल्कुल विपरीत है, जो मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा कब्जा की गई 12,000 बीघा जमीन का पर्दाफाश करने में सफल रही है।
असम सीएम का क्या आरोप?
इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई, उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच 'गहरे संबंध' हैं तथा खुफिया ब्यूरो (आईबी) से मिली सूचना गुप्त रूप से पड़ोसी देश को दी गई थी। असम मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जब एलिजाबेथ भारत में काम कर रही थीं, तब शेख द्वारा उन्हें वेतन का भुगतान करने के लिए विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) का उल्लंघन किया गया था। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने गोगोई पर अधिकारियों को सूचित किए बिना 2013 में 'बेहद गोपनीय ढंग से' पाकिस्तान जाने का आरोप लगाया और संदेह जताया कि उन्होंने वहां 'किसी प्रकार का प्रशिक्षण' प्राप्त किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मानना है कि गौरव गोगोई, एलिजाबेथ कोलबर्न और अली तौकीर शेख के बीच गहरा संबंध है। हमारा मानना है कि एलिजाबेथ और अली तौकीर शेख एक अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा थे। उन्होंने दावा किया कि संबंधित लोगों ने भारत सरकार को दरकिनार करते हुए स्थानीय निकाय एजेंसियों के साथ काम किया और इसकी जांच असम पुलिस नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि इसलिए हमने केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय जांच कराए जाने की सिफारिश की है।
उन्होंने कहा कि एलिजाबेथ ने पाकिस्तान में शेख के संगठन 'लीड पाकिस्तान' के साथ काम किया। फिर उनका तबादला भारत में हो गया और उन्होंने उसी संगठन में काम किया। लेकिन उनका वेतन अली तौकीर शेख द्वारा ही दिया जाता रहा। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि लीड पाकिस्तान ने 'लीड इंडिया' को पैसे भेजे और लीड इंडिया ने एफसीआरए नियमों को दरकिनार करते हुए एलिजाबेथ को भुगतान किया।
6 बार इस्लामाबाद गईं एलिजाबेथ
उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी एजेंसियां किसी भारतीय संस्था को दान नहीं दे सकतीं क्योंकि वह एक शत्रु राष्ट्र है। संभवतः संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के समय में एलिजाबेथ को भुगतान करने के लिए विशेष अनुमति प्राप्त की गई थी। सीएम ने दावा किया कि भारत में काम करने के बाद एलिजाबेथ ने भारत से संबंधित जानकारी इकट्ठा करना शुरू कर दिया और वह शेख को रिपोर्ट दिया करती थीं। उन्होंने दावा किया कि एलिजाबेथ को नरेन्द्र मोदी के सत्ता में आने के बाद जलवायु संबंधी कार्रवाई के बारे में आईबी सूत्रों से जानकारी मिली। उन्होंने शेख को 45 पन्नों की रिपोर्ट भेजी।
असम सीएम के अनुसार, लीड इंडिया के साथ काम करते समय एलिजाबेथ ने छह बार इस्लामाबाद की यात्रा की, जबकि एक अन्य एनजीओ में शामिल होने के बाद उन्होंने तीन बार पाकिस्तान की यात्रा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि एलिजाबेथ अपनी पाकिस्तान यात्रा को गोपनीय रखने के लिए अटारी सीमा से होकर ही जाती थीं और वह कभी विमान से नहीं जाती थीं। उन्होंने कहा कि एफसीआरए का उल्लंघन करके सीधे पाकिस्तानी निधि प्राप्त करना आसान नहीं है और उनका मानना है कि संप्रग सरकार के ''बहुत करीब'' कोई और मध्यस्थ हो सकता है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एलिजाबेथ का वहां वेतन प्राप्त करने के लिए एक पाकिस्तानी बैंक खाता था, लेकिन पूछताछ के दौरान उन्होंने इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया कि वह खाता बंद है या अब भी सक्रिय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गौरव ने अपने चुनावी हलफनामे में इस पाकिस्तानी खाते का जिक्र नहीं किया। अब मुझे लगता है कि उनके प्रतिद्वंद्वी को निर्वाचन आयोग से हलफनामे में गलत जानकारी देने की शिकायत करनी चाहिए।

लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
और पढ़ें




