पुलिसवाले से एकतरफा प्यार में महिला ने पार की हदें, थाने भेजा खून भरा लेटर; CM का नाम लिया
पुलिस निरीक्षक ने बताया कि उन्होंने महिला को सलाह दी थी कि अगर उसे कोई परेशानी है तो वह पुलिस थाने जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराए। हालांकि, उन्होंने बताया कि महिला ने ऐसा नहीं किया और इसके बजाय लगातार फोन करती रही और संदेश भेजती रही, जिससे उनके काम में बाधा उत्पन्न हुई।

कर्नाटक में एक महिला के खिलाफ पुलिस निरीक्षक को उसके आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन करने से रोकने और प्रेम प्रस्ताव स्वीकार न करने पर आत्महत्या करने की धमकी दी। इन आरोपों को लेकर महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि राममूर्ति नगर पुलिस थाने में तैनात 45 वर्षीय पुलिस निरीक्षक ने आरोप लगाया कि महिला लगातार उन्हें परेशान कर रही थी।
पुलिस निरीक्षक की शिकायत के अनुसार, 30 अक्टूबर को उन्हें अलग-अलग फोन नंबर से एक अज्ञात महिला के फोन आने लगे। शिकायत के मुताबिक, फोन पर बातचीत के दौरान महिला ने दावा किया कि उसके मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, गृह मंत्री और अन्य नेताओं के साथ घनिष्ठ संबंध हैं।
शिकायतकर्ता ने कहा कि महिला ने व्हाट्सएप पर कई तस्वीरें भेजीं, जिनमें वह कुछ नेताओं के साथ नजर आ रही थी और दावा किया कि वह इन व्यक्तियों के प्रभाव का इस्तेमाल करके उसे अपना प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए मजबूर कर सकती है। शिकायतकर्ता के अनुसार, महिला ने धमकी दी कि अगर पुलिस निरीक्षक ने इनकार किया तो वह अपने संपर्कों का इस्तेमाल उनके खिलाफ करेगी।
पुलिस निरीक्षक ने बताया कि उन्होंने महिला को सलाह दी थी कि अगर उसे कोई परेशानी है तो वह पुलिस थाने जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराए। हालांकि, उन्होंने बताया कि महिला ने ऐसा नहीं किया और इसके बजाय लगातार फोन करती रही और संदेश भेजती रही, जिससे उनके काम में बाधा उत्पन्न हुई।
प्राथमिकी के अनुसार, सात नवंबर को महिला कथित तौर पर पुलिस निरीक्षक के कार्यालय पहुंच गई और उन्हें कुछ दवाओं और हस्तलिखित पत्रों से भरा एक लिफाफा सौंपा।
प्राथमिकी के मुताबिक, पत्र की सामग्री बेहद आपत्तिजनक थी और महिला ने दावा किया था कि उसने अपने खून से ये पत्र लिखे हैं। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि महिला ने अतीत में अन्य पुलिसकर्मियों और सरकारी अधिकारियों के साथ भी इसी तरह की हरकत की थी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'पुलिस निरीक्षक की शिकायत के आधार पर महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 132 (लोक सेवक को कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 351(2) (आपराधिक धमकी) और 221 (लोक सेवक को लोक कार्यों के निर्वहन में बाधा डालना) के तहत राममूर्ति नगर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है।'
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