
मां को देना था एग्जाम, बच्चा रो-रोकर परेशान; महिला कांस्टेबल ने अपना दूध पिलाकर कराया चुप
भैरवी अपने पति के साथ बच्चे को लेकर केंद्र आई थीं और पति बाहर बच्चे को संभाल रहे थे। जब बच्चा जोर-जोर से रोने लगा तो भैरवी चिंतित हो गईं और परीक्षा बीच में छोड़ने की सोचने लगीं। उनकी यह हालत देखकर रजनी आगे आईं।
ओडिशा के मलकानगिरी जिले में महिला कांस्टेबल ने ड्यूटी से परे जाकर परीक्षा दे रही एक मां की मदद की। उन्होंने उसके बच्चे की देखभाल की और यहां तक कि उसे शांत करने के लिए स्तनपान भी कराया। यह घटना बिबीगुड़ा परीक्षा केंद्र पर RI भर्ती परीक्षा के दौरान हुई। कांस्टेबल का नाम रजनी माझी है, जो परीक्षा की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थीं। उन्होंने देखा कि एक अभ्यर्थी भैरवी मंडल अपने डेढ़ महीने के बच्चे के बाहर रोने की वजह से परेशान हैं। वह पेपर पर फोकस नहीं कर पा रही थीं।
रिपोर्ट के अनुसार, भैरवी अपने पति के साथ बच्चे को लेकर केंद्र आई थीं और पति बाहर बच्चे को संभाल रहे थे। जब बच्चा जोर-जोर से रोने लगा तो भैरवी चिंतित हो गईं और परीक्षा बीच में छोड़ने की सोचने लगीं। उनकी यह हालत देखकर रजनी आगे आईं और उन्हें आश्वासन दिया कि वे बच्चे की देखभाल करेंगी, ताकि मां शांति से परीक्षा पूरी कर सके। लगभग दो घंटे तक रजनी ने रोते हुए शिशु को गोद में लिया और उसे चुप कराने की कोशिश की।
खुद 9 महीने के बच्चे की हैं मां
महिला कांस्टेबल रजनी खुद 9 महीने के एक बच्चे की मां हैं। मातृत्व भावना और सहानुभूति से उन्होंने भैरवी के बच्चे को स्तनपान कराकर शांत किया। परीक्षा खत्म करने के बाद आंसुओं भरी आंखों से भैरवी ने कांस्टेबल को धन्यवाद दिया। रजनी ने कहा कि उन्होंने वही किया जो कोई भी मां करती। रजनी ने कहा, 'वह महिला परीक्षा देने और बच्चे के रोने को लेकर दुविधा में थी। मैंने उनसे कहा कि आप परीक्षा दें, मैं बच्चे का ख्याल रखूंगी। मुझे उनकी पीड़ा समझ आई क्योंकि मेरे पास भी नौ महीने का बच्चा है। जब मैंने देखा कि बच्चा पिता के पास रो रहा है, तो मैंने उसे गोद में ले लिया और चुप कराया। ऐसा करके मुझे बहुत खुशी हुई क्योंकि मां होने के नाते मैं उनकी स्थिति समझ सकती हूं।'





