
हम भी चाहते हैं संसद चले, लेकिन चर्चा नहीं हुई तो... विंटर सेशन के लिए विपक्ष की क्या मांग
सूत्र ने बताया कि विपक्षी दलों ने सदन की सुचारू कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए सहयोग करने पर सहमति जताई और राज्यसभा के सभापति से संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को एसआईआर पर चर्चा की अनुमति देने का आग्रह किया।
विपक्षी दलों के नेताओं ने रविवार को राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मुद्दा उठाते हुए उच्च सदन में इस मुद्दे पर सोमवार को संक्षिप्त चर्चा कराने की मांग की। एक सूत्र ने यह जानकारी दी। सूत्र ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, ‘‘बैठक में विपक्षी दलों ने कहा कि हम भी चाहते हैं कि संसद सुचारू रूप से चले। उन्होंने चुनाव सुधारों की तत्काल आवश्यकता पर सोमवार अपराह्न 2 बजे एक संक्षिप्त चर्चा कराने की भी मांग की, लेकिन अगर चर्चा नहीं होती है, तो संसद में गतिरोध के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।’’
उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में हुई बैठक में विपक्षी नेताओं ने एसआईआर का मुद्दा उठाया। इससे पहले, दिन में हुई सर्वदलीय बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। संसद का शीतकालीन सत्र (विंटर सेशन) 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है, जो 19 दिसंबर को समाप्त होगा।
सूत्र ने बताया कि विपक्षी दलों ने सदन की सुचारू कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए सहयोग करने पर सहमति जताई और राज्यसभा के सभापति से संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को एसआईआर पर चर्चा की अनुमति देने का आग्रह किया। एक वरिष्ठ विपक्षी नेता ने बताया कि उन्होंने चर्चा के लिए चुनाव सुधारों की तत्काल आवश्यकता या चुनाव प्रक्रिया की शुचिता और पारदर्शिता को और मज़बूत करने की तत्काल आवश्यकता जैसे शीर्षक भी सुझाए।
उन्होंने कहा कि शीर्षक के शब्दों को लेकर विपक्ष का रुख ‘लचीला’ है। विपक्षी दलों ने सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में एसआईआर और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। वहीं, सरकार ने कहा कि संसद की कार्यवाही अच्छी तरह चलनी चाहिए और वह गतिरोध की स्थिति को टालने के लिए विपक्षी दलों के साथ बातचीत जारी रखेगी।
इससे पहले, सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने एक सुर में यह मांग उठाई कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा कराई जानी चाहिए। सरकार ने हालांकि कहा कि संसद की कार्यवाही अच्छी तरह चलनी चाहिए और वह गतिरोध की स्थिति को टालने के लिए विपक्षी दलों के साथ बातचीत जारी रखेगी। सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने चुटीले अंदाज में यह भी कहा कि यह शीतकालीन सत्र है और इसमें सबको ‘‘ठंडे दिमाग से’’ काम करना चाहिए।
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में एसआईआर के साथ ही दिल्ली विस्फोट की पृष्ठभूमि में राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही, उन्होंने वायु प्रदूषण, विदेश नीति, किसानों की स्थिति, महंगाई, बेरोजगारी और कुछ अन्य विषयों पर सत्र के दौरान चर्चा कराने का आग्रह किया।

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।
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