विजय थलपति की कुर्सी पर मंडरा रहा खतरा? हाईकोर्ट में जोरदार बहस, क्यों सफाई दे रहे CM

लाइव हिन्दुस्तान, चेन्नई
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तमिलनाडु CM विजय थलपति ने कोर्ट में कहा कि चुनाव प्रचार में बच्चों के इस्तेमाल का आरोप उनकी चुनावी जीत रद्द करने का आधार नहीं बन सकता। याचिका में उल्लंघन और जीत के बीच कोई संबंध नहीं बताया गया है।

‘बच्चों से प्रचार कराया तो चुनाव रद्द नहीं हो सकता’, CM विजय की मद्रास HC में दलील
‘बच्चों से प्रचार कराया तो चुनाव रद्द नहीं हो सकता’, CM विजय की मद्रास HC में दलील

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय इन दिनों हाईकोर्ट में एक बड़े मुकदमें का सामना कर रहे हैं। ये केस उनकी खुद की चुनावी जीत को लेकर है। विजय थलपति पर आरोप है कि उन्होंने अपने चुनाव प्रचार के दौरान बच्चों का इस्तेमाल किया। इसको लेकर विजय के विरोधी ने चुनावी याचिका दायर की है जिसकी सुनवाई चल रही है। गुरुवार को विजय ने मद्रास हाईकोर्ट में कहा है कि चुनाव प्रचार में बच्चों के इस्तेमाल का आरोप अकेले उनकी चुनावी जीत रद्द करने का आधार नहीं बन सकता।

विजय ने यह दलील तिरुचिरापल्ली ईस्ट विधानसभा सीट से उनके खिलाफ दाखिल चुनाव याचिका को खारिज करने की मांग वाली अर्जी पर दी है। विजय ने विधानसभा चुनाव में DMK उम्मीदवार एस. इनिगो इरुदयराज को 27,416 वोटों से हराया था। इरुदयराज ने विजय की चुनावी जीत को चुनौती देते हुए मद्रास हाईकोर्ट का रुख किया है। विजय थलपति के खिलाफ अगर आरोप सही साबित होते हैं तो उन्हें अपनी विधायकी की कुर्सी से हाथ धोने पड़ सकते हैं। विधायकी गई तो सीएम पद पर भी नहीं रह सकते। हालांकि अभी तक इस मामले पर कोर्ट का कोई फैसला नहीं आया है।

बच्चों को चुनाव प्रचार में शामिल करने का आरोप

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, इरुदयराज ने अपनी चुनाव याचिका में आरोप लगाया है कि विजय और सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) से जुड़े लोगों ने चुनाव प्रचार गतिविधियों में बच्चों का इस्तेमाल किया। याचिका में चुनाव आयोग की 5 फरवरी 2024 की उस गाइडलाइन का भी हवाला दिया गया है, जिसमें राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को चुनाव से जुड़ी गतिविधियों में बच्चों का इस्तेमाल करने से रोक दिया गया था।

इरुदयराज का कहना है कि यह निर्देश संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत जारी किया गया था और इसका उल्लंघन जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 100(1)(d)(iv) के तहत चुनाव रद्द करने का आधार बनता है।

विजय ने दी यह दलील

विजय थलपति ने इन आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि भले ही बच्चों के इस्तेमाल का आरोप सही मान लिया जाए, फिर भी यह चुनाव रद्द करने के लिए कानूनी रूप से पर्याप्त आधार नहीं बनता। उनकी दलील है कि चुनाव याचिका यह स्थापित करने में विफल रही है कि चुनाव आयोग का संबंधित निर्देश जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत जारी कोई आदेश था। विजय ने यह भी कहा कि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) का उल्लंघन अपने आप में चुनाव रद्द करने का स्वतंत्र आधार नहीं है।

‘बच्चों के इस्तेमाल का जीत से कोई सीधा संबंध नहीं’

विजय ने हाईकोर्ट से कहा कि याचिका में यह नहीं बताया गया है कि चुनाव प्रचार में बच्चों की कथित भागीदारी के कारण उनके पक्ष में कितने वोट पड़े। उनके मुताबिक, याचिकाकर्ता ने केवल यह दावा किया है कि मतदाता “भावनात्मक रूप से प्रभावित” हुए और कथित गतिविधि का मतदाताओं पर “गहरा प्रभाव” पड़ा। विजय का तर्क है कि कथित उल्लंघन और उनकी जीत के अंतर के बीच कोई तथ्यात्मक संबंध स्थापित नहीं किया गया है।

चुनाव खर्च और विदेशी फंडिंग के आरोपों को भी नकारा

विजय ने चुनाव याचिका में लगाए गए चुनाव खर्च से जुड़े आरोपों को भी खारिज करने की मांग की है। उनका कहना है कि याचिका में खर्च के केवल अनुमानित आंकड़े दिए गए हैं। इसमें यह नहीं बताया गया कि पैसा किसने खर्च किया, कब भुगतान किया गया या क्या उन्होंने या उनके चुनाव एजेंट ने इस खर्च को अधिकृत किया था। विदेशी फंडिंग के आरोप पर विजय ने कहा कि याचिका में किसी योगदानकर्ता, रकम, प्राप्तकर्ता, बैंक खाते या पैसे के ट्रांसफर के तरीके की जानकारी नहीं दी गई है।

धार्मिक स्थलों पर प्रचार के आरोप पर भी जवाब

विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान धार्मिक स्थलों के इस्तेमाल के आरोप पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि याचिका में ऐसा कोई बयान नहीं बताया गया है, जिसके जरिए उन्होंने धार्मिक आधार पर वोट मांगे हों। विजय के मुताबिक, किसी उम्मीदवार का धार्मिक स्थल पर जाना या वहां प्रार्थना करना मात्र जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123(3) के तहत कथित भ्रष्ट आचरण का पूरा आधार नहीं बन सकता।

एक हफ्ते टली सुनवाई

आज शुक्रवार को भी मद्रास हाईकोर्ट ने पेराम्बुर निर्वाचन क्षेत्र से सीएम विजय थलपति की जीत को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका पर सुनवाई की। सीएम ने चुनाव याचिका को खारिज करने के लिए भी एक आवेदन दायर किया है। कोर्ट को बताया गया कि CM विजय की ओर से चुनाव याचिकाओं को खारिज करने के लिए दायर की गई अर्जियों को नंबर दे दिया गया है। कोर्ट ने खारिज करने की अर्जियों के जवाब दाखिल करने के लिए मामले की सुनवाई एक हफ्ते के लिए टाल दी है।

Amit Kumar

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अमित ने देश के प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से जनसंचार में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने यूनिसेफ और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हेल्थ जर्नलिज्म का सर्टिफिकेशन भी प्राप्त किया है। एआई-असिस्टेड कंटेंट ऑप्टिमाइजेशन और एडिटोरियल प्लानिंग में उनकी विशेषज्ञता उन्हें आज के आधुनिक न्यूज रूम के लिए एक अनिवार्य स्तंभ बनाती है। पेशेवर जीवन से इतर, अमित एक जुनूनी घुमक्कड़ हैं जिन्हें हार्डकोर ट्रेकिंग और फोटोग्राफी का शौक है, साथ ही वे ऐतिहासिक और वास्तविक जीवन पर आधारित सिनेमा देखने के भी शौकीन हैं।

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