
TMC से अलग होकर भी बनाएंगे बाबरी जैसी मस्जिद? कौन हैं विधायक हुमायूं कबीर
Who is Humayun Kabir: हुमायूं कबीर बेलडांगा से विधायक हैं। अपने 26 साल के करियर में वह कई बार दल बदल चुके हैं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी भी शामिल है। उन्होंने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1993 में कांग्रेस से की थी।
पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ TMC यानी तृणमूल कांग्रेस ने विधायक हुमायूं कबीर को निलंबित कर दिया है। मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी जैसी मस्जिद बनाने के प्रस्ताव के बाद उनके खिलाफ पार्टी ने कार्रवाई की है। टीएमसी का कहना है कि इससे पहले भी उन्हें चेतावनी दे दी गई थी। कबीर ने 6 दिसंबर को मस्जिद की नींव रखने का ऐलान किया था।
कौन हैं हुमायूं कबीर
हुमायूं कबीर बेलडांगा से विधायक हैं। अपने 26 साल के करियर में वह कई बार दल बदल चुके हैं, जिनमें भारतीय जनता पार्टी भी शामिल है। उन्होंने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। कबीर को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी का करीबी माना जाता था, लेकिन 20 नवंबर 2012 में उन्होंने अलग होकर टीएमसी के साथ जाने का फैसला किया।
कांग्रेस में रहने के दौरान उन्होंने पंचायत चुनाव लड़ा। वहीं, 2011 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। कांग्रेस के बाद टीएमसी में आते ही उन्हें मंत्री बना दिया गया था, लेकिन रेजिनानगर विधानसभा उपचुनाव हारने के बाद वह पद पर बने नहीं रह सके।
खास बात है कि साल 2015 में उन्होंने टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी पर भी सवाल उठा दिए थे। उन्होंने आरोप लगाए थे कि वह अपने भतीजे को 'राजा' बनाने की कोशिश कर रहीं हैं। इसके बाद पार्टी ने 6 साल के लिए उन्हें बाहर कर दिया था। इसके बाद वह कुछ समय के लिए समाजवादी पार्टी में रहे और 2016 में निर्दलीय विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। हार के बाद उन्हें कांग्रेस का दाम थामा, लेकिन कुछ समय बाद ही 2018 में भाजपा में शामिल हो गए थे।
साल 2020 में उन्होंने दोबारा टीएमसी का रुख किया था।
नई पार्टी बनाने की तैयारी
एनडीटीवी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि कबीर शुक्रवार को टीएमसी से इस्तीफा देने की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही बताया गया है कि वह खुद की पार्टी का ऐलान कर सकते हैं और बाबरी जैसी मस्जिद बनाने की योजना जारी रख सकते हैं। चैनल की एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया है कि विधायक कबीर के मस्जिद की नींव रखने के फैसले से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नाराज थीं। हालांकि, इसे लेकर पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।





