इजरायल-ईरान युद्ध से भारत पर पड़ेगा बड़ा असर? कैसे पाकिस्तान उठा सकता है फायदा

Feb 28, 2026 03:39 pm ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का बड़ा असर भारत पर भी पड़ सकता है। व्यापार के लिहाज से ईरान भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। वहीं चीन की नजर पहले से ही ईरान पर है। ऐसे में पाकिस्तान और चीन फायदा उठाने की पूरी कोशिश करेंगे। 

इजरायल-ईरान युद्ध से भारत पर पड़ेगा बड़ा असर? कैसे पाकिस्तान उठा सकता है फायदा

मध्य एशिया में एक बार फिर बड़ा युद्ध छिड़ गया है। जाहिर तौर पर एशिया में होने वाले युद्ध का बड़ा असर भारत पर भी पड़ने वाला है। वह भी तब जब कि लड़ने वाले दोनों ही देश भारत के दोस्त हैं। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर इस बार ईरान पर हमला किया है। जानकारी के मुताबिक हमले आयतुल्लाह खामेनेई के कार्यालय के पास हुए। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि खामेनेई का आवास ही तबाह कर दिया गया है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की जनता से सत्ता की बागडोर अपने हाथ में लेने की आपील करदी है। वहीं भारत सरकार ने इजरायल और ईरान में रहने वाले अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।

भारत के संबंध ईरान और इजरायल दोनों से ही अच्छे हैं। भारत दोनों के सा व्यापारिक संबंध भी रखता है। भारत ईरान से बड़ी मात्रा में तेल खरीदता है। भारत और ईरान बीच सांस्कृतिक और व्यापार संबंध अच्छे रहे हैं। 2016 में प्रधानमंत्री मोदी की ईरान यात्रा के दौरान ही चाबहार बंदरगाह को लेकर समझौता किया गया था। इसके बाद से भारत हर बार चाबहार के लिए बजट निर्धारित करता था। हालांकि इस बार पहली बार है जब चाबहार के लिए बजट नहीं दिया गया है।

भारत पर पड़ेगा बड़ा असर

द डिप्लोमैट की रिपोर्ट की मानें तो भारत पर बड़ा असर इसलिए भी पड़ सकता है क्योंकि मध्य एशिया से भारत ईरान के ही रास्ते जुड़ता है। वहीं चाबहार बंदरगाह चीन और पाकिस्तान को जवाब देने के लिए भी भारत के लिए अहम है। पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह पर चीन कब्जा करना चाहता है और वह विकास परियोजनाएं चला रहा है। ऐसे में भारत का चाबहार पोर्ट के लिए समझौता करना बेहद अच्छा रणनीतिक कदम था।

चीन और पाकिस्तान उठा सकते हैं फायदा

चीन और पाकिस्तान यही चाहते हैं कि भारत की पकड़ मध्य एशिया पर किसी तरह ढीली हो। चीन अफगानिस्तान और पाकिस्तान को मिलाकर आगे बढ़ने की रणनीति तैयार करना चाहता है। अगर चाबहार का रास्ता बाधित होता है तो भारत और अफगानिस्तान के व्यापारिक संबंध भी प्रभावित होंगे और इसका फायदा चीन उठाने की कोशिश करेगा। अगर अफगानिस्तान में चीन की पैठ बढ़ती है तो पाकिस्तान का भी फायदा निश्चित है।

रेयर अर्थ मिनरल्स की सप्लाई

ईरान के रास्ते कजाकिस्तान जैसे देशों से भी व्यापार होता है और भारत रेयर अर्थ मिनरल्स जैसे की यूरनियम का आयात करता है। इस युद्ध से रेयर अर्थ मिनरल्स की सप्लाई पर भी असर हो सकता है। इसके अलावा ईरान में 25 हजार से ज्यादा भारतीय रहते हैं। अगर युद्ध संकट बढ़ता है तो भारत उन्हें निकालने के भी उपाय करेगा।

कैसे पाकिस्तान को मिल सकता है फायदा

ईरान और पाकिस्तान के संबंध फिलहाल बहुत अच्छे नहीं हैं। हालांकि अगर ईरान कमजोर होता है तो इस क्षेत्र में पाकिस्तान की पकड़ इस्लामिक राष्ट्र के रूप में मजबूत हो सकती है। जानकारों का कहना है कि अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो अमेरिका पाकिस्तान की जमीन का भी इस्तेमाल ईरान पर शिकंजा कसने के लिए कर सकता है। ऐसे में पाकिस्तान भी अमेरिका से फायदा उठाने की कोशिश करेगा। अफगान पाकिस्तान युद्ध को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही पाकिस्तान की तारीफ की है। इससे डोनाल्ड ट्रंप के इरादों को समझा जा सकता है। अमेरिका पाकिस्तान की वित्तीय मदद भी बढ़ा सकता है।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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