वांगचुक के अनशन तोड़ने से खत्म हो जाएगा जंतर-मतंर वाला आंदोलन? CJP ने क्या बताया
विधेयक को संसद में पेश किए जाने की घोषणा के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ सरकार की ओर से उठाया जाने वाला सबसे कड़ा कदम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना होगा।

Sonam Wangchuk: पेपर लीक के मुद्दे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन कर रहे है सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार रात को अपना अनशन तोड़ दिया। वांगचुक ने मंत्री जितेन्द्र सिंह और जेपी नड्डा की मौजूदगी में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अपना अनशन तोड़ा। आपको बता दें कि वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले दिल्ली के जंतर-मंतर पर 28 जून से अनशन शुरू किया था। पुलिस ने उनके बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए शनिवार को उन्हें जंतर-मंतर से जबरन हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करया था। उसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट के दखल और वांगुचुक की इच्छा के अनुरूप उन्हें मेंदाांता अस्पताल में भर्ती किया गया था।
जेपी नड्डा और जितेन्द्र सिंह ने मंगलवार को भी अस्पताल जाकर वांगचुक से मुलाकात की थी और उनसे अपना अनशन समाप्त करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार पेपर लीक से जुड़े मामलों में उचित कदम उठा रही है। इसके बाद वांगचुक ने दोनो मंत्रियों के नाम एक खुला पत्र लिखा था और उनसे मिले आश्वासन का उल्लेख करते हुये कहा था कि यदि सरकार उन्हें यह आश्वासन भी दे कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जायेगी तो वह अपना अनशन तोड़ देंगे।
सीजेपी ने क्या कहा?
कॉकरोच जनता पार्टी ने इस कदम का स्वागत किया है। सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा,"कल एक चर्चा बुलाई गई है। हमें बहुत खुशी है कि सरकार हमारी इस मांग पर सहमत हो गई है कि यह चर्चा किसी न्यूट्रल जगह पर हो। इसके लिए कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया को चुना गया है।"
फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था करेगी सरकार: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गुरुवार को कहा कि सरकार पेपर लीक मामले पर सख्त सजा के प्रावधानों के साथ फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था करने वाले एक कानून के मसौदे पर शुक्रवार को मंत्रिमंडल में फैसला करेगी और इससे संबंधित विधेयक संसद के इसी सत्र में लायेगी। उन्होंने कहा कि विधेयक के मसौदे पर शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक में विचार किया जायेगा और विधेयक को मॉनसून सत्र के दूसरे सप्ताह में पारित करने के लिए रखा जा सकता है।
पीएम मोदी ने देर रात जारी एक वीडियो संदेश में कहा, "पेपर लीक की घटनाएं कोई मामूली बात नहीं है। यह लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए बहुत पीड़ादायक है। इसलिए पेपर लीक की घटना के बाद से अब तक पिछले ढाई महीना में अनेक कदम उठाए गए हैं, गुनहगारों को पकड़ा गया है, वे जेल में पड़े हैं।"
उन्होंने कहा, "मैंने आज फास्ट ट्रैक कोर्ट के लिए विभागों को निर्देश दिए थे। आज ही विभागों ने लगातार मेहनत करके देर रात मुझे मसौदा भी दे दिया। फास्ट ट्रैक कोर्ट और और उसके साथ कठोर सजा के प्रावधान के मसौदे पर शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा होगी और मंत्रियों के सुझावों के आधार पर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।"
प्रधान को हटाना ही सबसे सख्त कार्रवाई होगी: सीजेपी
प्रधानमंत्री द्वारा पेपर लीक के खिलाफ कड़े प्रावधान वाले विधेयक को संसद में पेश किए जाने की घोषणा के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि परीक्षा में अनियमितताओं के खिलाफ सरकार की ओर से उठाया जाने वाला सबसे कड़ा कदम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना होगा। राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मोदी जी, कल धर्मेंद्र प्रधान को हटा दीजिए। यह सबसे सख्त कार्रवाई है जो आप कर सकते हैं।"


