भारत-अमेरिका ट्रेड डील में रूसी तेल फंसाएगा पेच? सरकार ने कह दी बड़ी बात
क्या अमेरिका से ट्रेड डील में रूसी तेल पेच फंसा सकता है? इसको लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है। इसमें भारत ने एक बार फिर दोहराया है कि देशवासियों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

क्या अमेरिका से ट्रेड डील में रूसी तेल पेच फंसा सकता है? इसको लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है। इसमें भारत ने एक बार फिर दोहराया है कि देशवासियों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही बाजार परिस्थितियों तथा बदलते अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों को ध्यान में रखकर ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना उसकी रणनीति का हिस्सा है। सरकार इस मामले में हां या नहीं के रूप में जवाब देने से बचती रही है। रूस से तेल खरीदने के मामले में वाणिज्य मंत्रालय सवालों को विदेश मंत्रालय के पाले में डाल देता है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को इस सवाल के जवाब में कहा कि इसका उत्तर विदेश मंत्रालय देगा।
भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च
मीडिया की ओर से बार-बार यह सवाल पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने शनिवार को एक बार फिर गुरुवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में इस सवाल के जवाब में दिए गए वक्तव्य को ज्यों की त्यों दोहरा दिया। भारत का यह बयान अमेरिका द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए पिछले साल अगस्त में उस पर लगाए गए 25 फीसदी दंडात्मक आयात शुल्क को हटाने के बाद आया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि सरकार ने कई अवसरों पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बाज़ार परिस्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना हमारी रणनीति का मूल आधार है। भारत के सभी कदम इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर उठाए गए हैं और आगे भी लिए जाते रहेंगे।
अमेरिका ने क्या कहा
उल्लेखनीय है कि भारत के साथ अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा के बाद से अमेरिका कहता रहा है कि भारत ने रूस से तेल की खरीद बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है। अमेरिका ने रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए पिछले साल अगस्त में भारत पर लगाया गया 25 प्रतिशत दंडात्मक आयात शुल्क शनिवार को हटा लिया । राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को इस संबंध में एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया। यह आदेश प्रभावी हो गया है। आदेश में उन्होंने कहाकि मुझे भारत के प्रयासों के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से अतिरिक्त जानकारी और सिफारिशें प्राप्त हुई हैं। विशेष रूप से, भारत ने रूसी संघ से तेल का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जतायी है। उसने बताया है कि वह अमेरिका से ऊर्जा उत्पादों की खरीद करेगा, और हाल ही में उसने अगले 10 वर्षों में रक्षा सहयोग का विस्तार करने के लिए अमेरिका के साथ एक फ्रेमवर्क पर सहमति व्यक्त की है।
पीयूष गोयल ने क्या कहा
इससे पहले वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते में घरेलू उत्पादकों के हितों की रक्षा की दृष्टि से कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपजों और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह बाहर रखा गया है। उन्होंने शनिवार को घोषित इस समझौते का ब्योरा देने के लिए आयोजित विशेष संवाददाता सम्मेलन में कहाकि जिनमें हम आत्मनिर्भर हैं उन्हें समझौते से बाहर रखा गया है। जीएम (अनुवांशिक रूप से संशोधित) फसलें नहीं आयेंगी। मीट, पोल्ट्री, सोयामील, मक्का, चावल , गेहूं , चीनी, मिलेट्स आदि पर (अमेरिका को) भारतीय बाजार में कोई रियायत नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि इस समझौते ने ऐसी सब आशंकाओं को निर्मूल साबित कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि इस समझौते के कारण भारतीय खेती और किसानों को भारी नुकसान हो सकता है।
लेखक के बारे में
Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।


