अब भारत में आएगी विनाशकारी बाढ़? इस राज्य में अलर्ट जारी, कहां ज्यादा खतरा

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने 1 हजार से ज्यादा लोगों को जान ले ली है और 4 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। अब इसी तरह की घटना को लेकर भारत के कुछ राज्यों में भी अलर्ट है और अधिकारियों से निगरानी बढ़ाने के लिए कहा गया है।

Flood
नेपाल में पहले ही बाढ़ ने सैकड़ों लोगों की जान ले ली है और भारी नुकसान किया है और अब बारिश के चलते भारत के कुछ राज्यों में भी अलर्ट है। सांकेतिक तस्वीर (PTI Photo)

जलग्रहण क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों से हो रही लगातार भारी बारिश के कारण दामोदर घाटी जलाशय विनियमन समिति (DVRRC) ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के सिंचाई विभाग को बाढ़ के लिए 'ऑरेंज' अलर्ट जारी करने को कहा है। वहीं, पटना प्रशासन ने संभावित बाढ़ को देखते हुए तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी बढ़ा दी है।

केंद्रीय जल आयोग के अधीन डीवीआरआरसी ने दामोदर नदी पर मैथन और पंचेत जलाशयों से पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। समिति के सदस्य सचिव संजीव कुमार ने बताया कि लगातार बारिश के कारण सहायक नदियों से जलाशयों में तेजी से पानी पहुंच रहा है और गुरुवार सुबह तक जल निकासी और बढ़ाई जा सकती है।

बाढ़ का खतरा कहां

बढ़ते जलस्तर से पूर्व बर्दवान, हुगली और हावड़ा जैसे निचले इलाकों में गुरुवार को बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। दुर्गापुर स्थित दामोदर बैराज से जल निकासी बढ़ाकर 1,11,600 क्यूसेक कर दी गई है। बैराज में जलस्तर 210.80 फुट पहुंच गया है, जबकि अधिकतम निर्धारित स्तर 211.50 फुट है। दक्षिण बंगाल के प्रमुख नदी घाटियों में रातभर हुई भारी बारिश के बाद जल निकासी में वृद्धि की गई है।

इधर पड़ोसी राज्यों में भारी बारिश और बाणसागर बैराज तथा इंद्रपुरी जलाशय से पानी छोड़े जाने के बाद पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने अधिकारियों को संभावित बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कमजोर तटबंधों के पास रेत की बोरियां, नायलॉन के क्रेट, ट्रैक्टर और जनरेटर सहित आवश्यक सामग्री उपलब्ध रखने तथा कर्मचारियों की चौबीसों घंटे तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।

राहत शिविरों सुविधाएं

राहत शिविरों में पेयजल, शौचालय, प्रकाश, भोजन और दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था के साथ सामुदायिक रसोई और चिकित्सा शिविर संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सा शिविरों में जीवनरक्षक दवाओं के अलावा सांप और कुत्ते के काटने की दवाएं भी पर्याप्त मात्रा में रखने को कहा गया है। आपात स्थिति में समन्वय और सूचना संग्रह के लिए जिला स्तर पर 24 घंटे संचालित नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिया गया है।

नेपाल में बाढ़

नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बुधवार को बढ़कर 1200 से अधिक हो गई। हिमालयी क्षेत्र में आई इस आपदा के एक सप्ताह बाद भी बचावकर्मी हजारों लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने कहा कि इस आपदा का जलवायु परिवर्तन से संबंध अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने जोर-शोर से उठाया जाना चाहिए। वहीं, बाढ़ के बाद लापता हुए लोगों के परिवारों ने प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया।

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ से प्रभावित आठ जिलों से और शव मिलने के बाद मरने वालों की संख्या 1,204 हो गई है। वहीं, देश के मध्य हिस्सों में कस्बों और गांवों को तबाह करने वाली बाढ़ के एक हफ्ते बाद भी 4,216 लोग लापता हैं।

Nisarg Dixit

लेखक के बारे में

Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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