परिसीमन पर मोदी सरकार का साथ देगी DMK? उदयनिधि ने कर दिया साफ; राहुल गांधी ने दी थी चेतावनी

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

परिसीमन बिल को लेकर तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके ने अपनी स्थिति साफ कर दी है। कुछ दिनों की ऊहापोह के बाद उदयनिधि स्टालिन ने साफ किया है कि उनकी पार्टी शुरुआत से ही इसका विरोध करती आ रही है और वह आगे भी ऐसा ही करती रहेगी।

Will the DMK support Modi govt on delimitation Bill Udhayanidhi has made it clear Rahul Gandhi
पीएम मोदी राहुल गांधी और उदयनिधि स्टालिन

परिसीमन और महिला आरक्षण बिल को लेकर तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके ने अपना रुख साफ कर दिया है। पार्टी के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयानिधि स्टालिन ने साफ किया है कि पार्टी इस बिल का विरोध शुरुआत से ही करती रही है। वह आगे भी इसी क्रम को जारी रखेंगे। स्टालिन का यह बयान INDIA गठबंधन के लिए राहत की बात हो सकती है। क्योंकि कभी इस गठबंधन का मुख्य हिस्सा रही डीएमके अब अलग हो गई है। इसके अलावा पिछले कुछ समय से उसने परिसीमन के रुख पर भी अपना रुख बदलने के संकेत दिए थे।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक उदयानिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय के साथ बढ़ती सरगर्मी के बीच इस पर अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि डीएमके शुरुआत से ही इसका विरोध करती रही है और वह आगे भी ऐसा ही करती रहेगी। उन्होंने कहा, "यह कोई नया मुद्दा नहीं है। केंद्र सरकार इसे ऐसे पेश कर रही है जैसे यह पहली बार सामने आया है। डीएमके ने हमेशा परिसीमन का विरोध किया है और हम इसका विरोध करते रहेंगे।"

राहुल गांधी ने कहा था समर्थन करने वाला तमिलनाडु विरोधी

बता दें, INDIA गठबंधन से अलग होने के बाद डीएमके की तरफ से ऐसे संकेत दिए जा रहे थे कि वह इस मुद्दे पर सरकार का साथ दे सकती है। इससे इंडिया गठबंधन में बैचेनी बढ़ गई थी। हालात यहां तक आ गए थे कि तमिलनाडु पहुंचे राहुल गांधी को यह तक कहना पड़ा था कि 'सभी राष्ट्रीय और तमिल पार्टियों को इसका विरोध करना होगा। अगर कोई इसका समर्थन करता है, तो वह तमिलनाडु की जनता के साथ धोखा करेगा।' इतना ही नहीं राहुल गांधी ने इस बिल का समर्थन करने वाले के 21वीं सदी का एट्टाप्पन (तमिलनाडु में गद्दार के लिए इस्तेमाल होने वाला शब्द) कहा था।

डीएमके ने दिया था बिल पर नरम होने का संकेत

अप्रैल में कांग्रेस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस बिल को संसद में फेल करवाने वाली डीएमके का इस बिल पर नरम रुख का संकेत देना भी एक अलग कहानी है। कांग्रेस के साथ दशकों तक गठबंधन में रहने वाली डीएमके फिलहाल थलपति विजय की जीत के बाद खुद को साइडलाइन महसूस कर रही है। ऐसे में जब केंद्र ने संसद में एक बार फिर से यह बिल लाने के संकेत दिए, तो डीएमके ने भी अपने नरम रुख दिखाया।

एक रिपोर्ट में कहा गया कि डीएमके की तरफ से कहा गया है कि अगर सरकार इस बिल में तीन संशोधन करती है, तो वह इसका समर्थन कर सकते हैं। गौरतलब है कि डीएमके का समर्थन इसलिए और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि लोकसभा में उसके 22, जबकि राज्यसभा में आठ सांसद हैं।

क्या थी डीएमके की तीन मांगें?

सरकार इस बिल के माध्यम से 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करके लोकसभा की सीटों को 543 से 850 करना चाहती है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि डीएमके चाहती है कि सरकार अगले 25 वर्षों के लिए परिसीमन का आधार 2011 की जनगणना की बजाय 1971 की जनगणना को बनाए। पार्टी की दूसरी मांग थी कि सभी राज्यों की 50 फीसदी सीटें बढ़ाई जाएं।तीसरी शर्त में डीएमके चाहती है कि संसद में पेश होने वाले बिल में इस बात का जिक्र हो कि प्रस्तावित परिसीमन में किस राज्य में कितनी सीटें बढ़ाईं जाएंगीं।

गौरतलब है कि पिछली बार संसद में जब यह बिल पेश हुआ था, तो उस वक्त गृहमंत्री अमित शाह ने शुरुआती दो मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया था।

Upendra Thapak

लेखक के बारे में

Upendra Thapak

उपेंद्र ने डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत लाइव हिन्दुस्तान से की है। पिछले एक साल से वे होम टीम में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024, ऑपरेशन सिंदूर और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की कवरेज की है। पत्रकारिता की पढ़ाई भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली (बैच 2023-24) से पूरी करने वाले उपेंद्र को इतिहास, अंतर्राष्ट्रीय संबंध, राजनीति, खेल, विज्ञान और समसामयिक घटनाओं से जुड़े विषयों में गहरी रुचि है। स्नातक स्तर पर बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने के कारण उन्हें मेडिकल और वैज्ञानिक विषयों की भाषा की भी अच्छी समझ है। वे मूल रूप से मध्यप्रदेश के भिंड जिले के निवासी हैं।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsपरिसीमन पर सरकार का साथ देगी DMK? स्टालिन ने कर दिया साफ; राहुल ने दी थी चेतावनी