Hindi NewsIndia NewsWhy villagers on Mumbai Ahmedabad highway are seeking suicide nod from PM
'मरना ही बेहतर': मुंबई हाईवे पर आत्महत्या की इजाजत क्यों मांग रहे ग्रामीण? PM को लिखा खत

'मरना ही बेहतर': मुंबई हाईवे पर आत्महत्या की इजाजत क्यों मांग रहे ग्रामीण? PM को लिखा खत

संक्षेप:

प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और अन्य अधिकारियों की लापरवाही से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है।

Sat, 18 Oct 2025 12:26 PMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
share Share
Follow Us on

मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-48) की खस्ताहाल स्थिति, भीषण ट्रैफिक जाम और प्रशासनिक लापरवाही से त्रस्त होकर नायगांव-चिंचोटी-वसई क्षेत्र के 100 से अधिक ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सामूहिक आत्महत्या की अनुमति मांगी है। शुक्रवार को नायगांव-चिंचोटी क्षेत्र के एनएच-48 से लगे गांवों- ससूनवघर, मळजपाडा, ससुपाडा, बोबतपाडा और पथरपाडा के सैकड़ों निवासियों ने राजमार्ग पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि जो सफर पहले एक घंटे में पूरा होता था, अब उसी में पांच से छह घंटे लग रहे हैं।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता और एनजीओ प्रतिनिधि सुशांत पाटिल ने कहा, “ऐसी जिंदगी जीने से अच्छा मर जाना है। बच्चे परीक्षा नहीं दे पा रहे, लोग फ्लाइट और ऑफिस समय पर नहीं पहुंच पा रहे, और बीमारों को अस्पताल ले जाना भी नामुमकिन हो गया है।”

“जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है”

प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और अन्य अधिकारियों की लापरवाही से उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। पत्र में कहा गया, “हमने कई बार शिकायतें दीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हम मांग करते हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।” लोगों ने कहा कि सड़क की जर्जर हालत, गड्ढों से भरे हिस्से, और अत्यधिक वाहनों की वजह से ट्रैफिक का हाल बेहाल है।

“20 मिनट का रास्ता अब तीन घंटे में”

पाटिल ने बताया, “मीरा रोड का अस्पताल हमारे इलाके से करीब 20 मिनट की दूरी पर है। पहले कोई मेडिकल इमरजेंसी आने पर तुरंत पहुंच जाते थे, लेकिन अब तीन घंटे से भी ज्यादा लग जाते हैं। कई बार मरीजों की जान पर बन आती है।” उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हम वर्षों से अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई हमारी सुनवाई नहीं कर रहा।

पुलिस के निर्देशों की अनदेखी

ग्रामीणों ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि मीरा-भायंदर और वसई-विरार (MBVV) पुलिस आयुक्तालय द्वारा हाल ही में जारी एक आदेश को भी अधिकारियों ने पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। इस आदेश में 11 से 14 अक्टूबर के बीच घोडबंदर रोड (थाणे) के गैमुख घाट इलाके में चल रहे रिपेयर कार्य के कारण चिंचोटी नाका से आगे भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी। लेकिन इस निर्देश की अनदेखी करते हुए बड़ी संख्या में भारी वाहन एनएच-48 पर चले गए, जिससे नायगांव-चिंचोटी क्षेत्र में भारी जाम लग गया और आम जीवन ठप हो गया।

प्रशासन की देर से जागरूकता

ग्रामवासियों के प्रदर्शन के बाद एमबीवीवी पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक ने शुक्रवार को नोटिफिकेशन जारी किया, जिसके तहत चिंचोटी ट्रैफिक शाखा को बंद करने और हाईवे ट्रैफिक मैनेजमेंट की जिम्मेदारी वसई और विरार ट्रैफिक शाखाओं को सौंपने का निर्णय लिया गया।

ग्रामीणों की पांच प्रमुख मांगें

प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में ग्रामीणों ने पांच प्रमुख मांगें रखीं-

  • एनएच-48 पर तत्काल मरम्मत और गड्ढों की भराई।
  • जिम्मेदार एनएचएआई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई।
  • वैकल्पिक मार्गों पर ट्रैफिक नियंत्रण की सख्त व्यवस्था।
  • भारी वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक।
  • स्थानीय निवासियों के लिए आपातकालीन चिकित्सा मार्ग सुनिश्चित किया जाए।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे आत्महत्या की अनुमति मांगने को मजबूर होंगे। पत्र में लिखा गया है, “हम अब और नहीं सह सकते। हमारी जिंदगियां इस राजमार्ग पर अटक गई हैं।” एचटी ने इस संबंध में एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनसे कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

Amit Kumar

लेखक के बारे में

Amit Kumar
अमित कुमार एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में नौ वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। हिन्दुस्तान डिजिटल के साथ जुड़ने से पहले अमित ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया है। अमित ने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला (डिजिटल) से की। इसके अलावा उन्होंने वन इंडिया, इंडिया टीवी और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में काम किया है, जहां उन्होंने न्यूज रिपोर्टिंग व कंटेंट क्रिएशन में अपनी स्किल्स को निखारा। अमित ने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा और गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर (MA) किया है। अपने पूरे करियर के दौरान, अमित ने डिजिटल मीडिया में विभिन्न बीट्स पर काम किया है। अमित की एक्सपर्टीज पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेट रिपोर्टिंग और मल्टीमीडिया स्टोरीटेलिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैली हुई है। अमित नई मीडिया तकनीकों और पत्रकारिता पर उनके प्रभाव को लेकर काफी जुनूनी हैं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।